नई दिल्ली, प्रेट्र। पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के ठिकाने पर हवाई हमले की रक्षा विशेषज्ञों ने जमकर सराहना की है। इनका कहना है कि भारत ने इस हमले से सीमा पार को सख्त संदेश दे दिया है कि उसकी नापाक हरकतों पर अब चुप नहीं बैठा जा सकता। विशेषज्ञों ने अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह भी दी है।

पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा, 'पाकिस्तान को यह अहसास हो जाना चाहिए कि वह भारतीय फौज की ताकत के सामने टिक नहीं सकता।' पूर्व सैन्य सचिव लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) सैयद अता हुसैन ने भारतीय वायु सेना की कार्रवाई को उचित जवाब करार दिया।

उन्होंने कहा कि यह एक गैर सैन्य और एहतियातन कार्रवाई थी। लड़ाकू विमानों ने बहुत अंदर जाकर निशाना साधा है, इसलिए पाकिस्तान के सामने इसे नकारने का कोई विकल्प भी नहीं बचा है। सिर्फ आतंकी अड्डे को निशाना बनाया है। इसलिए दबाव पाकिस्तान पर ही होगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत के साथ खड़ा रहेगा।

लगभग दो सदी पुरानी पूना हॉर्स रेजिमेंट के पूर्व कर्नल लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) अजय सिंह का कहना है कि यह हमला दोधारी तलवार की तरफ है। इस हमले से जहां एक तरफ देश प्रेम की भावना चरम पर पहुंच गई है, वहीं पाकिस्तान सतर्क भी हो गया है।

1962, 1965 और 1971 की लड़ाई में भाग ले चुके 84 वर्षीय सैन्य अधिकारी ने कहा कि भारत ने इस हमले से पाकिस्तान को कड़ा संदेश तो दे दिया है, लेकिन इससे पड़ोसी सतर्क भी हो गया है। हालात से निपटने के लिए हमारे पास एक मास्टर प्लान का होना जरूरी है।

पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल (रि.) एस कृष्णास्वामी ने मजबूत कदम उठाने के लिए सरकार की सराहना की, लेकिन पाकिस्तान के जवाबी हमले के लिए तैयार रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि पूर्ण सुरक्षा की स्थिति कभी नहीं हो सकती, हमे चौकन्ना रहने की जरूरत है।

लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) बलजीत सिंह जायसवाल ने कहा कि अपने बचाव में हम एकतरफा कार्रवाई करने में सक्षम हैं। सरकार ने अपनी इच्छाशक्ति को कार्रवाई में बदला। हमने दिखा दिया कि पाकिस्तानी की शैतानियों को अब हम बर्दास्त करने वाले नहीं हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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