नई दिल्ली, प्रेट्र। सरकार के एक बड़े कदम के तहत रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को सेना में सुधार कार्यक्रम लागू करने के फैसले पर दस्तखत कर दिए। इसके चलते सेना मुख्यालय में तैनात 229 अधिकारियों को नई नियुक्तियां दी गई हैं। सैन्य कार्रवाई और रणनीतिक योजनाओं के उप प्रमुख का नया पद भी सृजित किया गया है। साथ ही सेना के ढांचे में सतर्कता और मानवाधिकारों के मामलों के लिए अलग से शाखा बनेगी।

देश की 13 लाख सैनिकों वाली थल सेना को सुगठित करने के लिए 12 बिंदुओं वाली सिफारिशें की गई हैं। सेना को लड़ाई के लिए ज्यादा सक्षम बनाने के लिए इन सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया है। इसी दिशा में रक्षा मंत्री ने ताजा कदम उठाया है।

सेना मुख्यालय, नई दिल्ली में कार्यरत कुल अधिकारियों में 20 प्रतिशत का स्थानांतरण चीन और पाकिस्तान सीमा के अग्रिम मोर्चो पर किया गया है। इसके अतिरिक्त उप सैन्य प्रमुख (रणनीति) के पद का भी सृजन किया जाएगा। इस समय सैन्य कार्रवाई और सैन्य खुफिया मामलों के अलग-अलग महानिदेशक हैं। दोनों सेना प्रमुख को रिपोर्टिग करते हैं। लेकिन नई व्यवस्था में इस कार्य के लिए उप सैन्य प्रमुख की नियुक्ति होगी। जो खुफिया सूचनाओं के आधार पर रणनीति बनाकर उसकी जानकारी सेना प्रमुख को देंगे।

रक्षा मंत्री ने सैन्य सूचना इकाई की स्थापना की भी स्वीकृति दी है। यह सैन्य शाखा भविष्य में होने वाले युद्ध के मैदान की सूचनाएं देने और सोशल मीडिया के इस्तेमाल की रणनीति पर कार्य करेगी।

एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के अनुसार सेना के आधुनिकीकरण के लिए कुछ शाखाओं को आपस में मिलाया जाएगा, तो कुछ को अलग-अलग करके प्रभावी बनाया जाएगा। इससे सरकार से सेना को मिलने वाले धन का बेहतर उपयोग सकेगा और सैन्य कार्यक्षमता बढ़ेगी।

उल्लेखनीय है कि 20 लाख सैनिकों वाली चीन की सेना भी इन दिनों आधुनिकीकरण की प्रक्रिया से गुजर रही है। वहां पर तीन लाख सैनिक कम किए जाने हैं। 

Posted By: Bhupendra Singh