जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान संगठन चुनाव की रूपरेखा पर भी फैसला हुआ। इसके अनुसार, एक नवंबर, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक कांग्रेस का सदस्यता अभियान जोर-शोर से चलाया जाएगा। ब्लाक और जिला संगठन के चुनाव 16 अप्रैल से 31 मई, 2022 तक, प्रदेश संगठन और एआइसीसी सदस्यों का चुनाव 21 जुलाई से 20 अगस्त, 2022 तक होंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 21 अगस्त से 20 सितंबर के बीच पूरी की जाएगी। फिर पार्टी के महाधिवेशन में कार्यसमिति के सदस्यों का चुनाव अगले सितंबर-अक्टूबर में होगा।

संगठन चुनाव के दरम्यान ही पार्टी की वैचारिक धरातल और नेताओं-कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने का अभियान भी चलेगा। इस क्रम में कार्यसमिति ने जहां जनता के मुद्दों और मुश्किलों पर मोदी सरकार की बेरुखी पर जन जागरण अभियान चलाने के कार्यक्रम को मंजूरी दी है, वहीं नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए व्यापक प्रशिक्षण अभियान चलाने का फैसला किया है।

कार्यसमिति के इस फैसले के संदर्भ में पार्टी मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि महंगाई से लेकर अर्थव्यवस्था की बदहाली पर 14 नवंबर से 29 नवंबर तक देश भर में व्यापक जन जागरण अभियान चलाने का फैसला किया गया है। इमसें सरकार की असंवेदनशीलता को लेकर जनता को जागरूक किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए व्यापक ट्रेनिंग कार्यक्रम की शुरुआत नवंबर में वर्धा से होगी, जिसमें वरिष्ठ नेताओं के साथ कार्यकर्ता भी शामिल होंगे।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों सहित अन्य लोगों ने बैठक में भाग लिया। कोरोना महामारी के आने के बाद से सीडब्ल्यूसी की यह पहली फीजिकल मीटिंग थी। बता दें सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद राहुल गांधी के पद छोड़ने के महीनों बाद वह अंतरिम प्रमुख बनी थीं। पार्टी से नाराज चल रहे जी-23 के सदस्य एक नए पार्टी प्रमुख और कांग्रेस कार्य समिति के चुनाव के लिए चुनाव के लिए दबाव डाल रहे हैं। इस गुट के कुछ नेता भी बैठक में शामिल हुए।

Edited By: Tanisk