तिरुअनंतपुरम, पीटीआइ। केरल में सत्तारूढ़ माकपा ने सोने की तस्करी मामले में कहा है कि इसे लेकर वामदलों की सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। हालांकि इसके बावजूद केरल के विपक्षी गठबंधन यूडीएफ ने राज्य की विधानसभा में 27 जुलाई को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।

माकपा के राज्य सचिव कोडियारी बालाकृष्णन ने शुक्रवार को अपनी पार्टी के सत्तारूढ़ गठबंधन को पूरा समर्थन देते हुए विपक्षी दलों कांग्रेस और भाजपा पर तल्खी भरा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल सरकार विरोधी अभियानों में जुटे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह साफ है कि भाजपा से जुड़े बीएमएस के एक व्यक्ति ने पांच जुलाई को कस्टम में डिप्लोमेटिक पैकेज को रिलीज कराने की कोशिश की थी।

उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री पिन्नाराई विजयन का इस्तीफा मांगते हुए आरोप लगाया है कि उनके कार्यालय के कुछ अफसरों के तार सोने की तस्करी के इस मामले के आरोपितों से जुड़े हुए हैं। उल्लेखनीय है कि पांच जुलाई को एयरपोर्ट के एयर कारगो परिसर में एक कस्टम अधिकारी ने एक राजनयिक के पास से 30 किलो सोना जब्त किया था जिसकी कीमत 15 करोड़ रुपये बताई गई है।

बालाकृष्णन ने भाजपा और मुस्लिम लीग पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आरोपों को खारिज कर दिया। नड्डा ने तंज कसते हुए कहा था कि केरल में तस्करी किए गए सोने का रंग लाल है। इसका जवाब देते हुए बपलाकृष्णन ने कहा कि अब यह स्पष्ट है कि सोने का रंग लाल नहीं बल्कि भगवा और हरा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना भी सदन में विफल हो जाएगी।

माकपा की राज्य समिति की बैठक के बाद बालाकृष्णन ने ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि एनआइए की जांच के बावजूद कांग्रेस और भाजपा सरकार के खिलाफ अभियान चलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में दखलंदाजी करके अपनी सरकार बनाने वाली भाजपा केरल में विधायकों की खरीद-फरोख्त नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आइटी सचिव एम शिवाशंकर को केस से हटा दिया है।

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