नई दिल्ली, जेएनएन। 2019 के आम चुनाव के सेमीफाइनल के नतीजे मंगलवार को आएंगे। मप्र, छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की मतगणना सुबह 8 बजे से आरंभ होगी। एग्जिट पोल और जीत--हार के दावे--प्रतिदावों के बीच सत्तापक्ष व विपक्ष की सांसें फूली हुई हैं। कांग्रेस का कहना है कि ये नतीजे मोदी सरकार की विदाई का साफ संदेश देंगे, वहीं भाजपा को अपनी जीत का पूरा भरोसा है।

एक्जिट पोल में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है तो राजस्थान में विपक्षी पार्टी कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। इसमें यह भी दर्शाया गया है कि तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की सत्ता बरकरार रहेगी। अभी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा की सरकार है।

700 अंक गिरा शेयर बाजार

एक्जिट पोल के नतीजों में चार राज्यों में कांग्रेस को लाभ मिलने का अनुमान जताया गया है, लेकिन भाजपा ने उसे खारिज किया है। भाजपा का यह भी कहना है कि इन चुनावों का अगले वषर्ष होने वाले आम चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि सोमवार को शेयर बाजार में निराशा की स्थिति रही। बीएसएई सेंसेक्स इसी कारण 700 अंक नीचे आ गया।

दोपहर तक होगी तस्वीर साफ

पांचों राज्यों-मध्‍यप्रदेश, छत्‍तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना व मिजोरम में मतगणना मंगलवार सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी। दोपहर तक इन राज्यों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।

राजस्‍थान में 35 केंद्रों पर होगी मतगणना

राजस्थान में नई सरकार चुनने के लिए पड़े 3.52 करोड़ से ज्यादा वोट गिनने का काम मंगलवार सुबह आठ बजे से शुरू हो जाएगा। प्रदेश भर के 35 मतगणना केंद्रों पर 20 हजार कर्मचारी ये वोट गिनेंगे। राजस्थान के निर्वाचन विभाग ने मतगणना की तैयारी पूरी कर ली है। प्रदेश की 200 में से 199 विधानसभा सीटों के लिए पड़े वोटों की गिनती जयपुर व जोधपुर में दो-दो केंद्रों पर तथा शेष 31 जिलों में एक-एक केंद्र पर की जाएगी।

एमपी में नतीजे आने में हो सकती है देरी

मध्‍य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने में कुछ देर हो सकती है। कांटे का मुकाबला होने की वजह से दोनों प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा ने प्रत्याशियों को हर राउंड की गणना पर पैनी निगाह रखने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि मतगणना को लेकर जमकर आपत्तियां होंगी। वहीं, बारकोडेड सिस्टम होने से सर्विस वोटर के मतों को गिनने में भी वक्त लगेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि ईवीएम से मतों की गिनती बहुत तेजी से होती है। नतीजे आने के बाद उन्हें घोषित करने से पहले अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। दोनों ने प्रत्याशियों को हिदायत दी है कि जब तक पूरी तरह संतुष्ट न हों, आगे की मतगणना शुरू न होने दें।

छत्‍तीसगढ़ में रमन सरकार रहेगी या होगा बदलाव

छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों पर भाजपा का दांव सफल होगा या कांग्रेस की परिवर्तन की मुहिम रंग लाएगी? 11 दिसंबर को सुबह ईवीएम से निकलने वाला जनादेश इसका जवाब दे ही देगा। नतीजा जो भी आए, सच तो यह है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों को जकांछ- बसपा गठबंधन की मौजूदगी के कारण असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है। निर्वाचन आयोग के अनुमान के अनुसार, सबसे पहले मनेंद्रगढ़ और सबसे आखिरी में कवर्धा का परिणाम आ सकता है। वहीं, राजधानी में सबसे पहले रायपुर उत्तर और सबसे आखिरी में रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र का परिणाम आने का अनुमान लगाया जा रहा है।

8500 प्रत्याशियों का फैसला करेगी 1.47 लाख ईवीएम

-678 कुल विस सीटें हैं पांचों राज्यों में

-8500 से ज्यादा प्रत्याशी मैदान में थे

-1.74 लाख ईवीएम में दर्ज है जनादेश

-राजस्थान के एक प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित हुए हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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