नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस के बारे में अंधविश्वास और झूठी खबरों से मुकाबले करने में समाज कल्याण में लगे संगठन अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है और आज इन संगठनों की सेवाओं व उनके संसाधनों की जितनी जरूरत है उतनी पहले कभी नहीं थी।

शारीरिक दूरी के मानकों का उल्लंघन नहीं करें- पीएम

सामाजिक कार्यो में लगे संगठनों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आस्था के नाम पर लोगों को शारीरिक दूरी के मानकों का उल्लंघन कर जगह-जगह इकट्ठे होते देखा गया है। लिहाजा, इस जानलेवा वायरस का प्रसार रोकने के लिए उन्हें शारीरिक दूरी की अहमियत के बारे में शिक्षित करने की जरूरत है।

सामाजिक संगठन गरीबों के लिए बुनियादी जरूरतों की पूर्ति करके निभाए जिम्मेदारी

मोदी ने कहा कि सामाजिक संगठन गरीबों के लिए बुनियादी जरूरतों की पूर्ति का प्रबंध और अपने अस्पताल समर्पित करके बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए देश को अल्पकालिक उपायों और दीर्घकालिक दृष्टिकोण की जरूरत है।

गांधी जी ने कहा था- गरीबों और वंचितों की सेवा ही देशसेवा का सर्वश्रेष्ठ तरीका

उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों की तीन विशेषताएं हैं; पहली- मानवीय दृष्टिकोण, दूसरी- व्यापक पहुंच व लोगों से जुड़ाव और तीसरी- सेवा का भाव। इसलिए लोग उन पर बिना संदेह किए विश्वास करते हैं। महात्मा गांधी को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबों और वंचितों की सेवा ही देशसेवा का सर्वश्रेष्ठ तरीका है। साथ ही उन्होंने मानवता की सेवा में इन संगठनों के समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना भी की।

डिजिटल माध्यमों से चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम

इस दौरान सामाजिक संगठनों ने डिजिटल माध्यमों से चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों, जरूरी चीजों, खाने के पैकेट, सैनिटाइजर व दवाओं के वितरण और जरूरतमंदों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने की दिशा में किए जा रहे कार्यो के बारे में जानकारी दी।

Posted By: Bhupendra Singh

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