नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को आश्वासन दिया कि भारत संकट के इस समय में चिकित्सा सामग्री की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति जारी रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा। मोदी ने कोविड-19 द्वारा उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और इंडोनेशिया के बीच करीबी सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने एक दूसरे के देशों में मौजूद अपने नागरिकों से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की।

दोनों नेता इस बात पर सहमत थे उनके अधिकारी हर संभव सुविधा सुनिश्चित करने के लिए संपर्क में रहेंगे। विज्ञप्ति में कहा गया कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने दवा उत्पादों की आपूर्ति के लिए भारत सरकार द्वारा दी गई सुविधा की सराहना की।प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, अच्छे दोस्त राष्ट्रपति जोकोवी के साथ कोविड-19 महामारी पर चर्चा की। करीबी समुद्री पड़ोसियों और व्यापक रणनीतिक साझेदारों, भारत और इंडोनेशिया के बीच घनिष्ठ सहयोग इस संकट से उत्पन्न स्वास्थ्य और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

ट्रूडो से भी की बात

मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से भी बात की। उन्होंने कहा, इस कठिन समय में कनाडा में भारतीय नागरिकों की देखभाल के लिए धन्यवाद। भारत और कनाडा के बीच सहयोग और साझीदारी महामारी से लड़ने के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें चिकित्सा अनुसंधान और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन भी शामिल है।

भूटानी पीएम ने दिया धन्यवाद

भूटानी प्रधानमंत्री लोटे त्शेरिंग ने मोदी को चिकित्सा आपूर्ति की खेप भेजने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संकट के दौरान उदार सहायता और सामान की निर्बाध आपूर्ति भूटान के प्रति भारत की वास्तविक मित्रता का प्रतिबिंब है।

नेपाल की मदद

भारत ने कोरोना से मुकाबले के लिए नेपाल को मदद के तौर पर 23 टन आवश्यक दवाएं दी हैं। दवा की यह खेप बुधवार को भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्र ने नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री भानुभक्त धाकल को सौंपी। इसमें कोरोना के खिलाफ अहम मानी जा रही हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के अलावा पैरासिटामॉल व अन्य दवाएं शामिल हैं।

जरूरत के वक्त भारत सरकार की इस मदद पर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। उन्होंने इसे भारत की उदारता भरी मदद कहा है। कोरोना संक्रमण से निपटने को लेकर दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच इस महीने टेलीफोन पर बात हुई थी। 

Posted By: Shashank Pandey

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