नई दिल्ली, एएनआइ। राहुल गांधी इस वीडियो में प्रवासी मजदूरों से पूछते हैं कि उन्हें लॉकडाउन लागू होने के बारे में कैसे जानकारी मिली? उनके पास पैसा है या नहीं? मजदूरों ने बताया कि उन्हें एक रुपये की मदद नहीं मिली। खाने के लिए मोहताज हो गए।

राहुल वीडियो की शुरुआत में कहते है कि कोरोना ने बहुत लोगों को चोट पहुंचाई है। बहुत लोगों को दर्द हुआ दुख हुआ। पर सबसे ज्यादा दर्द और दुख हमारे मजदूर भाई-बहनों को हुआ। वीडियो में राहुल से बात करते प्रवासी मजदूर कहते है कि घर से बाहर निकलना गुनाह हो गया था। पुलिसवाले तो पुलिसवाले स्थानीय लोग भी उन्हें बाहर निकलने पर मारते थे।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने इससे पहले  ट्वीट करके जानकारी देते हुए कहा था कि उन्होंने हाल ही में हरियाणा में अपने कार्यस्थल से सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर उत्तर प्रदेश के झांसी जा रहे प्रवासियों के एक समूह से मुलाकात की थी। वह अपने यूट्यूब चैनल मजदूरों की धैर्य, दृढ़ संकल्प और अस्तित्व की अविश्वसनीय कहानी को साझा करेंगे।  

राहुल गांधी का ट्वीट

राहुल ने शुक्रवार को ट्वीट करके कहा,' कुछ दिनों पहले, मैं हरियाणा में उनके कार्यस्थल से सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर उत्तर प्रदेश में झांसी के पास अपने गांव जा रहे प्रवासियों के एक समूह से मिला। कल 9 बजे से यूट्यूब चैनल पर मजदूरों की धैर्य, दृढ़ संकल्प और अस्तित्व की अविश्वसनीय कहानी देखिए।'

सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास प्रवासी श्रमिकों से राहुल ने की बातचीत

गौरतलब है कि 16 मई को वायनाड से सांसद राहुल ने सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास अपने गृह राज्य लौट रहे प्रवासी श्रमिकों के साथ बातचीत की। उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बाद में इन प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य भेजने के लिए वाहनों की व्यवस्था की। बाद में कांग्रेस पार्टी ने मजदूरों के साथ बातचीत करते हुए राहुल की कुछ तस्वीरें साझा कीं। कांग्रेस ने ट्वीट करके कहा कि लोगों के दर्द को केवल देखभाल करने वाले नेताओं द्वारा समझा जा सकता है। 

सरकार से प्रवासी मजदूरों को उनके मूल स्थानों तक पहुंचने में मदद करने का आग्रह

राहुल ने बैग्राउंड में एक गाने के साथ ट्विटर पर मजदूरों का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें सरकार से उनके मूल स्थानों तक पहुंचने में मदद करने का आग्रह किया गया। गहरा अंधेरा  है और यह कठिन समय है। धैर्य के साथ हम उनकी सुरक्षा में खड़े होंगे। हम उनकी आवाज उठाते रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें हर संभव मदद मिले। वे आम लोग नहीं, लेकिन वे देश के स्वाभिमान के ध्वजवाहक हैं। हम इसे कभी झुकने नहीं देंगे।

पार्टी प्रवासी मजदूरों की आवाज़ उठाएगी

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार 14 मई को राहुल गांधी ने कहा था कि उनकी पार्टी प्रवासी मजदूरों की आवाज़ उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, ऐसे में पार्टी उनकी मदद सुनिश्चित करेगी।

लॉकडाउन के बाद से प्रवासी मजदूरों का अपने मूल राज्यों की ओर पैदल मार्च जारी

25 मार्च को लागू लॉकडाउन के बाद से सैकड़ों प्रवासी मजदूर सार्वजनिक परिवहन नहीं चलने के कारण अपने मूल राज्यों की ओर पैदल मार्च करने लगे। वर्तमान में, भारतीय रेलवे श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चला रही है। राज्यों के साथ समन्वय में प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य व्यक्तियों को विभिन्न स्थानों से उनके मूल स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

Posted By: Tanisk

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