नई दिल्ली, प्रेट्र। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कोरोना वायरस को लेकर अमेरिकी उप विदेश मंत्री स्टीफन ई. बीगन से फोन पर बात की। भारत ने कोरोना महामारी के कारण बढ़ती मांगों के बीच अमेरिका और अन्य कई देशों को मलेरिया की दवा हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्विन भेजने का फैसला किया है। इसके बाद भारत और अमेरिका के बीच यह पहली उच्चस्तरीय वार्ता है।

सरकारी सूत्रों ने कहा कि श्रृंगला और बीगन के बीच बातचीत में महामारी का मुकाबला करने और इसे नियंत्रित करने के लिए सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के तरीके व अन्य जानकारियां साझा करने की प्रतिबद्धता जताई। उल्लेखनीय है कि भारत ने पूर्व में घरेलू खपत के मद्देनजर हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिशोध की बात कही थी। हालांकि, भारत ने इसे खारिज करते हुए पहले अपनी जरूरत पूरी करने और बाद में दूसरे देशों को दवा देने की बात कही थी। माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण के इलाज में यह दवा कारगर साबित हो रही है।

अभी सिर्फ भारत के पास ही इस दवा का बड़े पैमाने पर निर्माण करने की क्षमता है। भारत ने मंगलवार को एससीक्यू के निर्यात पर लगी पाबंदी में ढील देने की घोषणा की थी और इसके कुछ ही घंटे बाद ट्रंप ने कहा, ‘मैंने भारत से हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन की 2.9 करोड़ डोज खरीदने का ऑर्डर दिया है। मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात भी हुई है। मैंने उनसे पूछा कि क्या वह इसे आने देंगे? वह महान हैं। वाकई में वह बहुत ही अच्छे हैं। उन्हें भी इसकी बहुत जरूरत है क्योंकि भारत बड़ा देश है।’ ट्रंप का यह सुर उनके सोमवार के उस बयान से एकदम उलट है जिसमें उन्होंने उक्त दवा की आपूर्ति नहीं होने की स्थिति में बदले की कार्रवाई तक की धमकी दी थी

Posted By: Shashank Pandey

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस