रायपुर, नईदुनिया। अयोध्या पर सुप्रीम फैसले के बाद कानून व्यवस्था के दृष्टिगत छत्तीसगढ़ सरकार व कांग्रेस संगठन ने किसानों के साथ 13 नवंबर को प्रस्तावित दिल्ली कूच को स्थगित कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से फोन पर बात की। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था के बाबत जानकारी ली। उसके बाद कानून व्यवस्था को देखने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आंदोलन और दिल्ली कूच को अभी स्थगित करने का एलान किया।

शनिवार को सूरजपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में कहा कि उनसे फोन पर केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने फोन पर बात की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था पर जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि प्रदेश में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। राज्य सरकार पूरी तरह से चौकन्नी है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को आश्वस्त किया कि शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम रहेगी। इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह से निगरानी रखी है।

केंद्रीय गृह मंत्री से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस संगठन के आला-नेताओं से चर्चा की और उसके बाद धान पर प्रदेश कांग्रेस के चल रहे चरणबद्ध आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया। रविवार को सरकार और कांग्रेस प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन और 13 नवंबर को किसानों के साथ दिल्ली कूच करने वाली थी। 15 नवंबर को दिल्ली में धरना देने की तैयारी थी।

कांग्रेस ने कहा-किसानों के साथ है सरकार और पार्टी

कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी का कहना है कि केंद्र सरकार ने समर्थन मूल्य पर 38 लाख मीट्रिक टन धान खरीद की अनुमति दी है, क्योंकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए 25 लाख टन चावल की जरत होती है। प्रदेश सरकार ने तो 85 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है। केंद्र सरकार से अनुमति नहीं मिलने के बाद भी प्रदेश सरकार 47 लाख टन धान 25 सौ पये प्रति क्विंटल की दर से खरीदेगी। इसके अलावा सेंट्रल पूल में चावल खरीद का कोटा बढ़ाने की मांग भी जारी रहेगी। त्रिवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस संगठन किसानों के साथ है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान

सीएम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया, अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का सम्मान है। उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति के बयान को भी पोस्ट किया है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों और समुदायों से निवेदन किया गया है कि भारत के संविधान में स्थापित 'सर्वधर्म सम्भाव' तथा भाईचारे के उच्च मूल्यों को निभाते हुए अमन-चैन का वातावरण बनाए रखें। हम भारतीय की जिम्मेदारी है कि हम सब देश की सदियों की पुरानी परस्पर सम्मान और एकता की संस्कृति व परंपरा को जीवंत रखें।

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