जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या पर चिंता जाहिर करते हुए कांग्रेस ने सरकार से देश में और अधिक कोरोना टेस्ट किट निर्माण की कंपनियों को इजाजत देने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि कोरोना संदिग्ध लोगों की बढती संख्या को देखते हुए भारत को अब रोजाना अधिक संख्या में टेस्ट करने की जरूरत है। टेस्ट से ही संदिग्धों की अधिक संख्या में पहचान होगी और भारत कोरोना के स्टेज तीन में जाने की ओर है या हालत नियंत्रण में है इसकी सही तस्वीर इसी से सामने आएगी।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि भारत कोरोना के स्टेज तीन में पहुंच गया है मगर इसकी सही तस्वीर तो टेस्ट से ही सामने आएगी। भारत बाकी देशों के मुकाबले बेहद कम टेस्ट कर रहा है। लेकिन टेस्टों की संख्या बढाने में दिक्कत यह है कि राज्यों के पास केवल आपात स्थितियों से निपटने के लिए ही कोरोना टेस्ट किट हैं। इसीलिए राज्य इसे जांच प्रक्ति्रया में इस्तेमाल नहीं करना चाहते।

भारत और इंडिया में दुर्भाग्यपूर्ण फर्क

तिवारी ने कहा कि अभी केवल चार कंपनियों को किट बनाने की अनुमति है। जबकि 17 कंपनियों ने इसके लिए एप्लाई किया था। वहीं, बरेली में ब्लीचिंग पाउडर के घोल से गरीब मजदूरों को नहलाए जाने की घटना पर क्षोभ जाहिर करते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि इस घटना ने भारत और इंडिया में दुर्भाग्यपूर्ण फर्क को दुहराया है। इस लॉकडाउन में एक वर्ग नेटफ्लिक्स देखता है तो दूसरा सैकड़ों मिल पैदल चलकर अपने घरों को पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहा है।

केंद्र सरकार से राज्यों के साथ आपात चर्चा का किया आग्रह

वहीं रिजर्व बैंक के सर्कुलर के बाद भी बैकों की ओर से तीन महीने तक इएमआई स्थगित करने की अधिसूचना जारी नहीं होने पर चिंता जताते हुए कहा कि वित्तमंत्री को इसके लिए बैकों को निर्देश जारी करना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस तीन महीने का ब्याज भी माफ करने का आग्रह किया। मनीष तिवारी ने मजदूरों के पलायन से रबी फसल की कटाई और भंडारन की अगले 15 दिनों में आने वाली बड़ी चुनौती पर भी केंद्र सरकार से राज्यों के साथ आपात चर्चा का आग्रह किया।

Posted By: Dhyanendra Singh

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