नई दिल्ली, एएनआइ। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने संसद में होने वाले संविधान दिवस समारोह का बहिष्कार किया है। विपक्षा का आरोप है कि नरेन्द्र मोदी सरकार संविधान पर निरंतर हमले कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई पार्टी के संसदीय मामलों के रणनीतिक समूह की बैठक में यह फैसला लिया गया। वहीं, विपक्ष के इस फैसले पर भाजपा ने कहा है कि यह डा भीमराव अंबेडकर का अपमान है।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, 'कांग्रेस, वामपंथी, टीएमसी, राजद, एसएस, एनसीपी, एसपी, आईयूएमएल और डीएमके सहित 14 दलों ने सेंट्रल हाल में आयोजित 'संविधान दिवस' समारोह का बहिष्कार किया। नेहरू जयंती कार्यक्रम के दौरान हंगामा करने वाली कांग्रेस बहिष्कार का नेतृत्व कर रही है। यह डाक्टर अंबेडकर का अपमान है।'

पिछले साल भी कांग्रेस ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया था। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, जब सरकार संविधान पर निरंतर हमले कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है तो फिर ऐसे कार्यक्रम का दिखावा क्या करना है। हम संविधान पर हमले करने वाली सरकार के ऐसे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकते।

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हमारा दृढ़ विश्वास रहा है कि लोग हमारे विकास के केंद्र में हैं। वे हमारे देश के परिवर्तन के प्रतिनिधि हैं, उनका सशक्तिकरण हमारे सभी प्रयासों का लक्ष्य हैः उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू #SamvidhanDiws #ConstitutionDay2021 #संविधानदिवस

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- PIB in Rajasthan (@PIBJaipur) 26 Nov 2021

गौरतलब है कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत संसद के केंद्रीय कक्ष में शुक्रवार (26 नवंबर) को संविधान दिवस पर एक कार्यक्रम का आयोजन होगा जिसे राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संबोधित करेंगे। संसदीय कार्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति अपने संबोधन के बाद संविधान की प्रस्तावना पढ़ेंगे। उनके साथ संविधान की प्रस्तावना को पढ़ने के लिए पूरे देश को आमंत्रित किया गया है।

आपको बता दें कि आज के ही दिन 1949 में संविधान सभा ने मौजूदा संविधान को मंजूरी दी थी। हालांकि इसको 26 जनवरी 1950 में लागू किया गया था। देश के संविधान के तहत हर देशवासी को समान अधिकार प्राप्‍त हैं।

Edited By: Neel Rajput