नई दिल्ली, प्रेट्र। जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक ट्रस्ट से कांग्रेस अध्यक्ष को हटाने की तैयारी है। लोकसभा में शुक्रवार को जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक संशोधन विधेयक 2018 पेश किया गया है जिसमें ट्रस्टी के रूप में 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष' को हटाने का प्रस्ताव किया गया है।

यह विधेयक लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को ट्रस्ट का सदस्य बनाने का रास्ता साफ करता है। मौजूदा समय में लोकसभा में कोई भी नेता प्रतिपक्ष नहीं है। यह संशोधन विधेयक केंद्र सरकार को नामित ट्रस्टी को समय से पहले हटाने का अधिकार भी देता है। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार प्रधानमंत्री की अगुआई वाले ट्रस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष, संस्कृति मंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और पंजाब के राज्यपाल व मुख्यमंत्री इसके सदस्य होते हैं।

संस्कृति मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार ट्र्स्ट में वीरेंद्र कटारिया, अंबिका सोनी और हरवेंदर सिंह हंसपाल को 2013 में पांच साल के लिए नामित सदस्य के तौर पर शामिल किया गया था। इस ट्रस्ट का गठन 1951 में केंद्र सरकार ने किया था।

लोकसभा में संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने यह विधेयक पेश किया। इसमें जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम 1951 में संशोधन करने की बात कही गई है। गौरतलब है कि अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग में 13 अप्रैल 1919 के शहीदों की स्मृति में इस स्मारक की स्थापना की गई थी।

 

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