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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कांग्रेस में प्रशांत किशोर की बड़ी सियासी भूमिका का खाका तैयार, जल्द होगा एलान

By Arun Kumar SinghEdited By:
Published: Wed, 04 Aug 2021 09:40 PM (IST)

Prashant Kishor in Congress इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि शीर्ष संगठन में बड़े बदलावों के लिए लीक से ...और पढ़ें

प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने का एलान जल्द हो जाएगा।
प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने का एलान जल्द हो जाएगा।

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कांग्रेस की राजनीतिक वापसी के रोडमैप को आगे बढ़ाने के लिए चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) की सियासी भूमिका का स्वरूप पार्टी ने लगभग तय कर लिया है। प्रशांत किशोर को कांग्रेस संगठन के ढांचे को दुरुस्त करने के साथ चुनाव प्रबंधन से लेकर सियासी गठबंधनों को सिरे चढ़ाने की अहम जिम्मेदारी देकर पार्टी में शामिल किया जाएगा। पीके की इस सियासी भूमिका के लिए पार्टी में एक विशेष सलाहकार समिति के गठन की भी तैयारी है जो सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को रिपोर्ट करेगी।

पीके के ब्लू प्रिंट पर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा लगभग पूरी

इस बात के पुख्ता संकेत हैं कि शीर्ष संगठन में बड़े बदलावों के लिए लीक से हटकर उठाए जाने वाले कुछ अहम कदमों के साथ प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने का एलान जल्द हो जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करते हुए उसके सियासी आधार की वापसी के लिए पीके के दिए गए ब्लू प्रिंट पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच पिछले तीन हफ्ते के दौरान काफी लंबी और गंभीर चर्चा हुई है।

पार्टी हाईकमान के निकटस्थ माने जाने वाले दिग्गज नेता पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी, जयराम रमेश और कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पीके के ब्लू प्रिंट को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ छोटे-छोटे समूहों में चर्चा की है। कांग्रेस कार्यसमिति के कई सदस्यों से भी इस बारे में चर्चा की गई है और उनके फीडबैक लिए गए हैं।

बड़े ओहदे के साथ सीधे सोनिया गांधी को करेंगे रिपोर्ट

सूत्रों के अनुसार इन चर्चाओं के दौरान कुछ विषयों पर चाहे मतांतर हो, मगर कांग्रेस को मजबूत करने के प्रस्तावों को लेकर नेताओं की ओर से किसी तरह का एतराज नहीं दिखा है। इसके मद्देनजर ही माना जा रहा कि पीके को जल्द ही कांग्रेस में शामिल कर उनकी नई राजनीतिक भूमिका की घोषणा हो जाएगी। बताया जाता है कि कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए पीके ने जो प्रस्ताव दिया है, उसके तहत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुआई में पार्टी में एक विशेष सलाहकार समूह का गठन किए जाने की सिफारिश की गई है।

इस समूह पर राजनीतिक निर्णयों, गठबंधन, चुनाव और चुनावी अभियानों से जुड़े अहम विषयों पर त्वरित रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी रहेगी, ताकि फैसलों में देरी न हो। इस सलाहकार समूह का स्वरूप छोटा रखने की पीके ने सलाह दी है जिसमें छह से आठ नेताओं को ही रखे जाने का प्रस्ताव है। इस सलाहकार समूह का स्वरूप कुछ-कुछ यूपीए सरकार के समय सोनिया गांधी की अगुआई में गठित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की तरह ही रखे जाने की बात है। इससे साफ है कि प्रस्तावित समूह के राजनीतिक निर्णयों और कदमों पर अंतिम मुहर सीधे कांग्रेस कार्यसमिति में ही लगेगी।

बनाए जा सकते हैं महासचिव

सूत्रों का कहना है कि पीके को इस समूह के संचालन की जिम्मेदारी दिया जाना लगभग तय है और अब पार्टी संगठन में उनको ओहदा देने के स्वरूप पर ही अंतिम दौर की चर्चा चल रही है। पीके को कांग्रेस महासचिव बनाकर इस सलाहकार समूह के समन्वय का जिम्मा सौंपे जाने की संभावना प्रबल बताई जा रही है।