नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कांग्रेस ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू करने का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि राज्यपाल ने संविधान का माखौल उड़ाया है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर केंद्र और भाजपा की कठपुतली की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए पार्टी ने कहा कि उन्होंने संवैधानिक प्रक्रियाओं का गंभीर उपहास किया है।

कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर राज्यपाल के फैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का फैसला कम से कम चार पहलुओं पर एसआर बोम्मई केस में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ है।

सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा-शिवसेना चुनाव पूर्व के सबसे बड़े गठबंधन थे और उसके बाद कांग्रेस-एनसीपी दूसरे बड़े गठबंधन थे। राज्यपाल ने जब पार्टियों को अलग-अलग बुलाने का फैसला किया किया तो उन्होंने कांग्रेस को क्यों नहीं बुलाया। इसके अलावा सवाल यह भी है कि राज्यपाल ने पार्टियों को समय देने में पक्षपाती रवैया क्यों अपनाया? भाजपा को 48 घंटे और शिवसेना और एनसीपी को 24 घंटे का वक्त देना यही दर्शाता है। राष्ट्रपति शासन का निर्णय स्पष्ट रूप से शर्मनाक बेईमानी और राजनीति से प्रेरित है।

Posted By: Manish Pandey

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