नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार को मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे और कनकपुरा विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक शिवकुमार मंगलवार को पूछताछ के लिए चौथी बार ईडी के सामने पेश हुए थे। इससे पहले जांच अधिकारियों ने उनसे शुक्रवार को चार घंटे और शनिवार को आठ घंटे तक पूछताछ की थी। डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी के बाद से अलग-अलग स्‍थानों पर प्रदर्शन किया जा रहा है। इस बीच दिल्ली में आरएमएल अस्पताल के बाहर डीके शिवकुमार का एक समर्थक रोने लगा और अपनी शर्ट तक फाड़ ली।

ईडी के अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस नेता को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत थी, इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है। हिरासत में लेकर पूछताछ करने के इरादे से ईडी उन्हें बुधवार को यहां की एक अदालत में पेश करेगी। शिवकुमार 30 अगस्त को पहली बार ईडी के सामने पेश हुए थे। विमान के जरिये बेंगलुरु से दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने ईडी की जांच में सहयोग करने की बात कही थी। 

 गिरफ्तारी के बाद डीके शिवकुमरा ने ट्वीट कर कहा कि बीजेपी के दोस्तों को बधाई कि वे मुझे गिरफ्तार करने में सफल रहे। मेरे खिलाफ आईटी और ईडी की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित कदम है और मैं बीजेपी की राजनीति का शिकार हुआ हूं। वहीं, कांग्रेस ने डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी को सरकार की विफल नीतियों और अर्थव्यवस्था से जनता का ध्यान भटकाने का एक और प्रयास बताया है।

हवाला के जरिये करोड़ों रुपये के लेनदेन का आरोप
गौरतलब है कि पिछले गुरुवार को कर्नाटक हाई कोर्ट ने ईडी के समन को चुनौती देने वाली शिवकुमार की याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद उन्हें एजेंसी के सामने पेश होना पड़ा। जांच एजेंसी ने पिछले साल सितंबर में शिवकुमार तथा नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के एक कर्मी हनुमंथैया के खिलाफ धन शोधन का एक मामला दर्ज किया था। यह मामला आयकर विभाग द्वारा शिवकुमार के खिलाफ पिछले साल दाखिल एक आरोपपत्र के आधार पर दर्ज किया गया। बेंगलुरु की विशेष अदालत में दाखिल इस आरोपपत्र में शिवकुमार पर कर चोरी तथा हवाला के जरिये करोड़ों रुपये के लेनदेन का आरोप लगाया गया है।

राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कार्रवाई का लगाया था आरोप
शिवकुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इन्कार किया था और कहा था कि 2017 में गुजरात की राज्यसभा सीटों पर चुनाव केदौरान विधायकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाने के चलते राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उन पर कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि इस चुनाव में कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल कड़े मुकाबले में जीत दर्ज करने में कामयाब रहे थे। कर्नाटक में हाल के राजनीतिक संकट के दौरान भी शिवकुमार चर्चा में आए थे। असंतुष्ट होकर महाराष्ट्र के होटल में ठहरे विधायकों को कांग्रेस के पाले में लाने की उन्होंने भरपूर कोशिश की थी, लेकिन उनकी यह कोशिश सफल नहीं हुई और राज्य की कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार गिर गई।

बता दें कि 2 अगस्त, 2017 को कांग्रेस नेता शिवकुमार के दिल्ली स्थित आवास पर आयकर विभाग ने छापा मारा था, इस दौरान उनके यहां से 8.59 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी। इसके बाद, आयकर विभाग ने कांग्रेस नेता और उनके चार अन्य सहयोगियों पर मामले दर्ज किया था। एजेंसी ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 277 और 278 के तहत और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 (बी), 193 और 199 के तहत मामला दर्ज किया था।

Posted By: Manish Pandey

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