मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

नई दिल्ली, एएनआइ। कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी कि अध्यक्षता में आज दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इस दौरान उन्होंने अर्थव्यवस्था पर चिंता जाहिर की और भाजपा पर जनादेश का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर बदले की भावना से राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा 'हमारे लिए यह परीक्षा की घड़ी है और हमें देश के लिए जुटकर काम करना पड़ेगा और हमें जनता की आवाज बनना पड़ेगा।' इस बैठक में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, प्रियंका गांधी, पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, केसी वेणुगोपाल और एके एंटनी मौजूद रहे। 

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इस समय सत्ता का गलत इस्तेमाल कर रही है। लोकतंत्र खतरे में है। भाजपा सरकार स्वतंत्रता सेनानियों तथा गांधी, पटेल, अंबेडकर जैसे नेताओं के सच्चे संदेशों का गलत तरह से इस्तेमाल कर रही है। 

बैठक में राहुल शामिल नहीं 
इस बैठक में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल नहीं हुए। उन्होंने इस दौरान कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास एजेंडा होना चाहिए और केवल सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना पर्याप्त नहीं है। हमें और बेहतर करने की जरूरत है। हमारे लिए अब लोगों के पास जाना सबसे महत्वपूर्ण है। 

सोनिया गांधी की अध्यक्षता में यह पहली बैठक
इस बैठक में कांग्रेस के महासचिव, राज्यों के प्रभारी, कांग्रेस विधायक दल के नेता और सभी राज्यों के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षों को राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी मुख्यालय में बैठक के लिए बुलाया गया था। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालाने के बाद सोनिया गांधी की अध्यक्षता में यह पहली बैठक थी। 

महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती की तैयारियों पर चर्चा
कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती की तैयारियां, सदस्यता अभियान और कार्यकर्ता प्रशिक्षण को लेकर को चर्चा हुई। कांग्रेस इस वक्त एक सदस्यता अभियान पर ध्यान केंद्रित कर रही है और इसे सफल बनाने के लिए प्रत्येक राज्य इकाई को लक्ष्य दिया गया है। इस दौरान एक प्रशिक्षण कार्यक्रम पर भी चर्चा की जाएगी, जिसमें पार्टी ने अपने जन संपर्क कार्यक्रम को बढ़ाने के लिए देश भर के जिला स्तर पर 'प्रेरकों' की नियुक्त करने का निर्णय लिया है।

पार्टी की नीति को जमीनी स्तर पर ले जाने की कोशिश
कांग्रेस की राज्य इकाइयों को पार्टी के नेताओं की पहचान करने के लिए कहा गया है, जिन्हें कई दिनों तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रेरक पार्टी के एजेंडे पर काम करेंगे जैसे भाजपा के लिए आरएसएस के प्रचारक काम करते हैं। कांग्रेस कैडर के भीतर यह इस तरह की पहली नियुक्ति है। पार्टी अब मोदी सरकार के एजेंडे का मुकाबला करने के लिए पार्टी कैडर के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर जोर देना चाहती है और लगातार चुनावी असफलताओं के बाद पार्टी की नीति को जमीनी स्तर पर ले जाना चाहती है।

सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा
बताया जा रहा है कि पार्टी अर्थव्यवस्था और रोजगार की स्थिति पर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा करेगी। कांग्रेस महासचिव संगठन ने इस पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार शाम को AICC सचिवों की बैठक बुलाई है।

Posted By: Tanisk

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