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'विडंबना की पराकाष्ठा', अमित शाह के 2029 वाले दावे का कांग्रेस ने 3-B से दिया जवाब

Published: Tue, 13 Oct 2026 11:09 PM (IST)Updated: Wed, 14 Oct 2026 12:38 AM (IST)

कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 लोकसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए की भारी जीत के ...और पढ़ें

वेणुगोपाल ने कहा कि अमित शाह को 2029 तक सत्ता में बने रहने की चिंता करनी चाहिए

वेणुगोपाल ने कहा कि अमित शाह को 2029 तक सत्ता में बने रहने की चिंता करनी चाहिए

HighLights

  1. जयराम रमेश ने कहा- देश के युवा सड़कों पर उतरने से भाजपा नेता घबराए

  2. वेणुगोपाल बोले- शाह को चिंता करनी चाहिए कि क्या वह 2029 तक पद पर बने रहेंगे

पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को फिर करारी हार मिलने के दावे पर पार्टी ने मंगलवार को पलटवार किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी के को-आर्किटेक्ट’ ने चुनाव में धांधली की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि गृह मंत्री फिर ‘तीन बी-बाम्बैस्ट , ब्लफ और ब्लस्टर (बड़बोलेपन, धोखा और धमकी)’ के साथ लौट आए हैं।’ उन्होंने कहा कि लोग वोट के संवैधानिक अधिकार की ताकत जानते हैं और झूठ पर टिकी सरकारों को जवाबदेह ठहरा सकते हैं।

रमेश ने कहा कि देश, खासकर युवा सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि समाज के विभिन्न वर्गों में बढ़ते विरोध से ‘दोनों नेता’ घबराए हुए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि शाह को अपने बुरे कार्यों की जांच का सामना करने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए क्योंकि मौजूदा सरकार के सत्ता से जाती ही उनके खिलाफ जांच शुरू होगी।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी. वेणुगोपाल ने कहा कि चुनावी जीत का जश्न मनाने वाले शाह पर ही चुनाव प्रणाली को नष्ट करने के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि शाह का 2029 की बात करना मोदी की अस्थिर स्थिति और उनकी चिंता दिखाता है। वेणुगोपाल ने कहा कि शाह को 2029 तक पद पर बने रहने की चिंता करनी चाहिए।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि गृह मंत्री की बात ने हमारे सभी आरोपों को एक ही लाइन में साबित कर दिया "कि वे 2029 में भी सब कुछ जीतने वाले हैं।"

खेड़ा ने कहा- "उन्हें एसआइआर, चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार पर इतना भरोसा है। हमारे आरोपों को खुद साबित करने के लिए हम उनका शुक्रिया अदा करते हैं। भाजपा पिछले कार्यकाल में कभी नहीं जीती थी। आजादी के बाद इस दशक में उसे पहली बार बहुमत मिला है। इससे क्या साबित होता है?"