मनोज तिवारी, भोपाल। सॉफ्ट हिंदुत्व की छवि को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार 22 करोड़ रुपये खर्च कर 'श्रीराम वन गमन पथ' कॉरिडोर बनाएगी। इसमें श्राइन बोर्ड कॉम्प्लेक्स, धर्मशालाएं, यात्रियों के लिए पैदल ट्रैक, साइकिल ट्रैक सहित भीड़ नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे।

रामपथ में पुराने समय की वास्तुकला के अलावा पुराने समय की शहरी व्यवस्था भी देखने को मिलेगी। कॉरिडोर में आने वाले सभी ऐतिहासिक शहरों को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। आध्यात्म विभाग इसका प्रस्ताव तैयार कर चुका है और सरकार ने अपने बजट में कॉरिडोर का काम शुरू करने के लिए 22 करोड़ रुपये का प्रावधान भी कर दिया है। इस कॉरिडोर में धार्मिक और वन पर्यटन की जबरदस्त साझेदारी दिखेगी।

मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वनवास काल में ज्यादातर समय चित्रकूट में गुजारा है। सरकार इस कस्बे को नए रूप में लाने की तैयारी कर रही है। कस्बे में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2001 में यहां पांच लाख लोग आए थे, जबकि 2013 में 1.67 करोड़ लोगों ने कामदगिरी के दर्शन कर परिक्रमा की है।

कॉरिडोर में यह शहर, कस्बे शामिल रहेंगे श्रीराम वन गमन पथ कॉरिडोर में चित्रकूट, पन्ना, बधवारा (कटनी), रामघाट (जबलपुर), राम मंदिर तालाब, रामनगर मंडला, शहडोल, डिंडौरी और अमरकंटक को शामिल किया गया है। इन सभी शहरों में एक ही तरह के विकास कार्य किए जाएंगे।पुरानी शहरी व्यवस्था, हवेली भी दिखेंगी रामपथ में पुरानी शहरी व्यवस्था का नमूना देखने को मिलेगा। हवेलियों का आर्किटेक्चर भी दिखाई देगा। यात्री निवास, बांस के हट, लाइट एंड साउंड-शो भी रहेगा। 

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