नई दिल्ली, आइएएनएस। पांच राज्यों की तारीखों के एलान के साथ ही चुनावी सरगर्मियां दिन पर दिन तेज हो रही हैं। गोवा में कांग्रेस को भाजपा से आगे रहने की कोशिश में कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी राज्य में कांग्रेस का खेल खराब कर रही है। गोवा में कांग्रेस एक मजबूत चेहरा पेश करने की कोशिश कर रही है और राजनीतिक हलकों में अटकलों के बावजूद तृणमूल के साथ किसी भी गठबंधन की बातचीत से इनकार किया है।

कांग्रेस के रुख से परेशान तृणमूल ने कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक शुरुआत कर दी है। तृणमूल नेता महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस को यह महसूस करना चाहिए कि उसके नेता भारत के सम्राट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने गोवा में अपने कर्तव्यों का निर्वहन बखूबी किया होता तो टीएमसी को सत्तारूढ़ भाजपा को हराने के लिए तटीय राज्य के चुनाव मैदान में नहीं उतरना पड़ता। मोइत्रा ने आगे कहा कि टीएमसी गोवा में गठबंधन करने के लिए तैयार है, क्योंकि भाजपा को हराना वक्त की दरकार है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को खुद के सर्वोच्च होने के तौर पर बर्ताव करना छोड़ना होगा।

इस बीच, तृणमूल का आरोप है कि कांग्रेस 2017 में राज्य में सरकार नहीं बना पाई और अपने विधायकों के गुट को भी बरकरार नहीं रख पाई। लेकिन कांग्रेस ने खुला प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया और पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा है कि तृणमूल से कोई बातचीत नहीं हुई है।

चिदंबरम ने भी गठबंधन के संभावनाओं से किया इंकार

कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक पी. चिदंबरम ने भी ऐसी किसी संभावना से इनकार किया है। साथ ही चिदंबरम ने कहा कि गोवा के लिए कांग्रेस के चुनावी मुद्दे में निम्नलिखित केंद्रीय विषय शामिल होंगे - अर्थव्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, पर्यावरण, गोवा का लोकाचार आदि हैं।

एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन की अटकलें तेज

वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी गोवा में आगामी चुनाव के लिए चुनाव पूर्व गठबंधन के लिए कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के साथ बातचीत कर रही है, जिसके बाद से दोनों दलों के बीच गठबंधन की अटकलें तेज हो गईं हैं।

बता दें कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में पूर्व बंदरगाह मंत्री माइकल लोबो के पार्टी में शामिल होने से कांग्रेस को थोड़ी राहत मिली है। पार्टी ने चुनावों के लिए दो सूचियां जारी की हैं, लेकिन विधायकों के दलबदल और टिकटों की घोषणा में देरी पर पार्टी में असंतोष दिख रहा है, क्योंकि कई उम्मीदवार बेचैन हो रहे हैं।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan