नई दिल्ली, एएनआइ। कोरोना संक्रमण से हुई मौतों पर परिजनों को दिए जाने वाले मुआवजे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर कई सवाल खड़े किेए हैं। कांग्रेस ने कहा कि केंद्र द्वारा कोरोना से मरने वालों के परिवारों को अनुग्रह राशि के रूप में घोषित 50,000 रुपये की राशि एक मजाक है। कोरोना से मरने वाले परिजनों को 5 लाख रुपये दिए जाने चाहिए।

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने गुरुवार को कहा कि पार्टी उन लोगों के परिजनों को 5 लाख रुपये की मांग करती है जिन्होंने कोरोना से अपनी जान गंवाई है, क्योंकि कई बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया और लोग बेरोजगार हो गए। इसलिए प्रति मृतक व्यक्ति को केवल 50,000 रुपये की मदद केवल एक मजाक है।

कांग्रेस प्रवक्ता श्रीनेत ने केंद्र पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि सरकार ने कोर्ट के दखल के बाद 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। केंद्र कोरोना वायरस के संक्रमण को आपदा घोषित नहीं कर रहा है क्योंकि कानून के मुताबिक आपदा से हुई मौत पर 4 लाख रुपये देने का प्रावधान है।

देश में करीब 4.5 लाख लोगों की कोरोना से हुई है मौत

बता दें कि केंद्र सरकार ने बुधवार को कोरोना से मरने वालों के परिवारों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। राज्यों के आपदा प्रबंधन कोष से ये राशि दी जाएगी। इसके लिए परिवार को जिले के डिजास्टर मैनेजेंट दफ्तर में आवेदन और कोरोना से हुई मौत का सर्टिफिकेट जमा कराना होगा। फार्म और दस्तावेज जमा होने के बाद 30 दिनों के भीतर अनुग्रह राशि का भुगतान करना होगा। देश में कोरोना से अब तक 4,46,050 लोगों की मौतें हुईं हैं।

गौरतलब है कि तीन सितंबर को सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने कोरोना महामारी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देश तय करने में देरी पर नाखुशी जताई थी।