नई दिल्ली,जेएनएन। दुनियाभर में ईरान से हो रही कच्चे तेल की आपूर्ति के संबंध में अमेरिका के हालिया बयान ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। हाल ही में अमेरिका ने ईरान से आयात होने वाले कच्चे तेल पर पाबंदी लगी दी, लिहाजा इसका असर भारत पर भी पड़ना तय माना जा रहा है। वहीं अमेरिका के ईरान से तेल खरीदने प्रतिबंधों से मिली छूट हटाने के फैसले को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करते हुए पीएम मोदी पर आरोप लगाया 'मोदी जी ने 23 मई तक तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमते न बढ़ाने का निर्देश दिया है।' बता दें कि 23 मई को देश में चल रहे लोकसभा चुनाव के परिणाम आने है।

सुरजेवाला ने ट्वीट में कहा 'मोदी जी जनता को ये नहीं बता रहें है कि जनता की आँख में धूल झोंकने व वोट बटोरने के लिए, उन्होंने 23 मई तक तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमते न बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने आगे कहा कि 23 मई की शाम को ही पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें ₹5-10 रुपये बढ़ाने की तैयारी है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल पूछा कि अमरीका की भारत को ईरान से कच्चा तेल निर्यात करने की पाबंदी, क्या भारत की संप्रभुता पर हमला नहीं है? बता दें कि भारत अब ईरान से कच्चा तेल (क्रूड) नहीं खरीद सकेगा। पिछले वर्ष ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद अमेरिका ने कुछ देशों को वहां से तेल खरीदने के लिए छह महीनों की जो छूट दी थी वह छूट की अवधि पहली मई को खत्म हो रही है और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भी देश के लिए यह अवधि बढ़ाने से इन्कार कर दिया है।

इसमें भारत, चीन और जापान समेत आठ देश शामिल हैं। छूट का लाभ उठा रहे कई देशों ने अमेरिका के इस फैसले की आलोचना की है। हालांकि अमेरिका ने कहा है कि वह और उसके सहयोगी देश अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कमी नहीं होने देंगे।

मामला क्या है?
अमेरिका ने नंवबर, 2018 में ईरान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाया था। लेकिन भारत, चीन, दक्षिण कोरिया समेत आठ देशों को छह महीने की छूट दी थी कि वे ईरान से तेल खरीदना कम कर देंगे। भारत को उम्मीद थी कि इस छूट की अवधि और बढ़ जाएगी। लेकिन सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस बारे में स्पष्ट कर दिया है कि जिन देशों को ई्ररान के साथ कारोबार करने की छूट दी गई थी, उनके लिए छूट की अवधि अब नहीं बढ़ाई जाएगी। अमेरिका ने भारत को चाबहार बंदरगाह के निर्माण व विकास को लेकर भी छूट दे रखी थी।

सरकार कर रही समीक्षा: इस बारे में विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बस इतना बताया है कि वे पूरे हालात की समीक्षा कर रहे हैं और उचित समय पर विस्तृत बयान जारी करेंगे। सूत्रों का कहना है कि वे भारत को तेल की आपूर्ति करने वाले दूसरे देशों के साथ लगातार संपर्क में है और तेल आपूर्ति में कोई बाधा नहीं होगी।

Posted By: Nitin Arora

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