राज्य ब्यूरो, भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और कांग्रेस के बीच तकरार का नया मुद्दा आदिवासियों को हिंदू मानने को लेकर खुल गया है।

आदिवासियों को हिंदू बताने के खिलाफ कांग्रेस की मुहिम

इसी साल शुरू होने वाली 2021 की जनगणना में आदिवासियों का धर्म हिंदू बताने के आरएसएस के अभियान के खिलाफ कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ और कुछ अन्य आदिवासी संगठनों ने जागरूकता मुहिम चलाने का एलान किया है।

कांग्रेस ने कहा- आदिवासी मूर्तिपूजक नहीं हैं, जनगणना प्रपत्र में आदिवासी कॉलम को जोड़ा जाए

कांग्रेस का कहना है कि आदिवासी मूर्तिपूजक नहीं हैं, उन्हें अपनी अलग पहचान चाहिए, इसलिए जनगणना प्रपत्र में आदिवासी कॉलम को जोड़ा जाए। वर्ष 1951 तक यह कॉलम था, लेकिन बाद में हटा दिया गया। आदिवासी इसके लिए अदालत में भी लड़ाई रहे हैं।

संघ आदिवासियों का धर्म हिंदू लिखवाने के लिए अभियान चला रहा है, वह गलत है

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जनजाति विभाग के अध्यक्ष अजय शाह, आदिवासी नेता रामू टेकाम ने इस मुद्दे पर रविवार को यहां पत्रकारवार्ता की। उन्होंने कहा कि आरएसएस आदिवासियों का धर्म हिंदू लिखवाने के लिए जो अभियान चला रहा है, वह गलत है।

आदिवासी मूल रूप से प्रकृति पूजक होते हैं- शाह

आदिवासी मूर्तिपूजक नहीं हैं। वह अपने पूर्वजों को भी पूजते हैं। रीति-रिवाज अलग हैं। आदिवासी मूल रूप से प्रकृति पूजक होता है।

आरएसएस परोक्ष रूप से आदिवासी आरक्षण को समाप्त करने के लिए हिंदू लिखवा रहे हैं

शाह ने कहा कि आरएसएस ने आदिवासियों के अस्तित्व को नकराते हुए नियोजित रूप से अपने साहित्य में उन्हें 'वनवासी' संबोधित किया है। आरएसएस परोक्ष रूप से आदिवासी आरक्षण को समाप्त करने के लिए हिंदू लिखवा रहा है।

आदिवासी आरएसएस के अभियान को कामयाब नहीं होने देगा

एनआरसी लागू कराने में नाकाम होते देख संघ इसे दूसरे रास्ते से लागू करने में जुट गया है, लेकिन आदिवासी पढ़-लिखकर समझदार हो गया और आरएसएस के अभियान को कामयाब नहीं होने देगा। आदिवासी समाज अपनी अलग पहचान बनाएगा।

Posted By: Bhupendra Singh

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