नई दिल्ली, एएनआइ। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भारत के संविधान के प्रत्येक अधिनियम और प्रावधान को लागू करने के लिए कर्तव्य-बद्ध हैं। अगर ममता ऐसा करने से इन्कार करती हैं तो केंद्र सरकार यह तय करेगी कि क्या करना है? यह बात भाजपा महासचिव राम माधव ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध कर रहीं ममता बनर्जी को जवाब देते हुए कही।

राम माधव ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित होने के बाद एक अधिनियम बन जाएगा। जहां तक ममता बनर्जी का सवाल है, एक राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में वो संविधान के प्रत्येक अधिनियम और प्रावधान को लागू करने के लिए कर्तव्य-बद्ध हैं।

विपक्षी दलों की दलीलें गलत और भ्रामक

माधव ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक को लेकर विपक्षी दलों की दलीलें गलत, भ्रामक और विकृत हैं। यह विधेयक किसी को बाहर करने के लिए नहीं है। यह अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित लोगों को शामिल करने को लेकर है, जो पिछले सात दशकों में भारत आए हैं।

हमने अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को लेकर प्रतिबद्धता दिखाई

यह एक ऐतिहासिक तथ्य है कि विभाजन के बाद और बांग्लादेश के निर्माण के समय, हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, ईसाइयो जैसे अल्पसंख्यक समुदायों के बड़ी संख्या में लोग भारत चले आए। दोनों अवसरों पर हमने उन्हें अपनाने में प्रतिबद्धता दिखाई। 

अल्पसंख्यकों को देश में शामिल करने का उद्देश्य

राम माधव ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य किसी को बाहर करने के लिए नहीं बल्कि अल्पसंख्यकों को देश में शामिल करना है।हम जो कर रहे हैं वह पिछली सरकारों के अधूरे एजेंडे को पूरा कर रहे हैं। यह विधेयक केवल पड़ोसी देशों के सताए गए अल्पसंख्यकों के लिए है। भाजपा नेता ने कहा कि इन देशों में अल्पसंख्यक समुदायों के लोग, जो भारत आए हैं और पिछले पांच वर्षों से यहां रह रहे हैं, अब देश की नागरिकता का दावा कर सकते हैं।

ममता बनर्जी ने क्या कहा 

खड़गपुर में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि सीएबी (नागरिकता संशोधन विधेयक) से डरने की जरूरत नहीं है। हम आप लोगों के साथ हैं। जब तक हम यहां हैं कोई भी आप पर कुछ भी थोप नहीं सकता।

 

Posted By: Tanisk

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