उदयपुर, एजेंसियां। उदयपुर में तीन दिन से चल रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर का आज समापन दिवस है। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और शीर्ष नेता राहुल गांधी समेत कई बड़े नेताओं ने मंच से संबोधित किया। राहुल गांधी ने रविवार को यह स्वीकार किया कि कांग्रेस ने आम आदमी से अपना संबंध खो दिया है और इसे लोगों तक पहुंचकर इसे ठीक करना होगा।

राहुल गांधी ने कहा कि हमें लोगों के साथ अपने संबंध को पुनर्जीवित करना होगा और यह स्वीकार करना होगा कि यह टूट गया था। हम इसे मजबूत करेंगे, यह किसी शार्टकट से नहीं होगा, इसके लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि लोगों से संबंध मजबूत करने के लिए कांग्रेस अक्टूबर में राष्ट्रव्यापी भारत जोड़ा यात्रा निकालेगी।

नौ साल के अंतराल के बाद उदयपुर में आयोजित तीन दिवसीय कांग्रेस पार्टी चिंतन शिविर का आज समापन हुआ। चिंतन शिविर में 430 नेताओं ने भाग लिया और कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने एक छह मसौदा प्रस्ताव तैयार किया। इसे कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को राजनीति से लेकर विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करने के लिए गठित छह समितियों के लिए नियुक्त छह संयोजकों द्वारा प्रस्तुत किया गया है। इसमें संगठन, किसान-कृषि, युवाओं से संबंधित मुद्दे, सामाजिक न्याय और कल्याण और अर्थव्यवस्था है।

आइये जानते हैं तीन दिवसीय चिंतन शिविर में कांग्रेस द्वारा और क्या बड़े संकल्प लिए गए हैं।

- कांग्रेस ने कहा कि उदारीकरण के 30 वर्षों के बाद तथा घरेलू व वैश्विक परिस्थितियों का संज्ञान लेते हुए स्वाभाविक तौर से आर्थिक नीति में बदलाव की आवश्यकता जरूरी है। इस 'नव संकल्प आर्थिक नीति' का केंद्र बिंदु रोजगार सृजन हो। आज के भारत में ‘जाबलेस ग्रोथ' को कोई स्थान नहीं हो सकता।

- कांग्रेस ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा 70 साल में बनाई गई सरकारी संपत्तियों का अंधाधुंध निजीकरण अपनेआप में खतरनाक है। यह और गंभीर हो जाता है, जब भाजपा सरकार पब्लिक सेक्टर कंपनियों को बदनीयति से औने-पौने दाम पर अपने चंद और चहेते पूंजीपति मित्रों को बेच रही है। न केवल दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों का आरक्षण खत्म हो रहा है, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था पर कुछ लोगों का एकाधिकार स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस इस अंधाधुंध निजीकरण का घोर विरोध करेगी।

- उदयपुर में हुए चिंतन शिविर में कांग्रेस का मानना है कि जनकल्याण ही आर्थिक नीति का सही आधार हो सकता है। भारत जैसे तरक्कीशील देश में जनकल्याण नीतियों से आम जनमानस के लिए रोजगार सृजन व आय के साधन बढ़ाना अनिवार्य व स्वाभाविक है।

- नव संकल्प आर्थिक नीति के तहत केंद्र व प्रांतीय सरकारों के बिगड़ते हुए वित्तीय संबंधों का संज्ञान लेने की आवश्यकता है। कांग्रेस के मुताबिक समय आ गया है, जब केंद्र व प्रांतों के बीच वित्तीय संबंधों की पुनर्समीक्षा हो और प्रांतों के अधिकारों की संरक्षण व सुरक्षा भी हो।

- शिविर के समापन अवसर पर भाषण देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि हम जरूर लौटेंगे। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर काम करें। युवाओं को आगे बढ़ाने पर सीनियर नेता फोकस करें और 2 अक्टूबर से भारत जोड़ो अभियान शुरू किया जाएगा।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan