नई दिल्ली, प्रेट्र । भाजपा सांसद तापिर गाव ने दावा किया कि चीन ने अरुणाचल की 50 किमी से ज्यादा जमीन पर कब्जा कर रखा है। गाव ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि अरुणाचल प्रदेश में भी डोकलाम जैसी स्थिति बन सकती है।

शून्य काल के दौरान उन्होंने कहा कि जब भी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री या गृहमंत्री अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर जाते हैं, चीन आपत्ति जताता है। 14 नवंबर 2019 को जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तवांग गए थे, तब भी चीन ने आधिकारिक पत्रकार वार्ता करके विरोध जताया था। उन्होंने कहा, 'मैं सदन व मीडिया से आग्रह करता हूं कि वे इसके खिलाफ आवाज उठाएं।'

उल्लेखनीय है कि सिक्किम के निकट डोकलाम में चीन की तरफ से सड़क बनाए जाने का भारतीय सेना ने विरोध किया था। इसके बाद दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हो गई थीं। 73 दिनों बाद 28 अगस्त 2017 को दोनों देशों के बीच आपसी समझौते के बाद तनातनी खत्म हुई थी। चीन ने वहां सड़क निर्माण बंद कर दिया था।

उन्होंने कहा कि चीन भारतीय क्षेत्र में कब्जा करता है, पर किसी मीडिया में कोई खबर नहीं आती। इस सदन और राजनीतिक दलों के नेताओं की तरफ से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आती।

तापिर गांव ने दूसरे डोकलाम की आशंका जताई

तापिर गाव ने कहा कि इस सदन के जरिए वह सरकार को बताना चाहते हैं कि दूसरा डोकलाम होगा, तो वह अरुणाचल प्रदेश में होगा। वह दिन कभी नहीं आए, इसके लिए सरकार को फौरन कदम उठाने चाहिए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तवांग यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चीन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पर आपत्ति जताई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जाने पर भी चीन ने विरोध जताया था, पर हमारी सरकार और इस सदन की तरफ से चीन की आपत्ति पर कुछ नहीं कहा गया।

यह भी पढ़ेंः भारत-नेपाल-चीन और कालापानी, विवाद पर ड्रैगन की नजर, क्‍या है नेपाल की सुगौली संधि

Posted By: Sanjeev Tiwari

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप