जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पीपीएफ और एनएससी समेत तमाम सरकारी छोटी बचत योजनाओं के ब्याज दर में कटौती को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कटौती को वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि कोरोना से गहराए आर्थिक संकट में इन बचत योजनाओं के ब्याज दरों में कटौती से आमलोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। साथ ही यह भी कहा है कि संकट के इस दौर में आर्थिक विकास की गति से ज्यादा अहम लोगों की जिंदगी बचाना है।

बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम करना मौजूदा वक्त इजाजत नहीं देता- चिदंबरम

कांग्रेस नेता पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने ट्वीट के जरिये पीपीएफ, सुकन्या, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, एनएससी समेत सभी सरकारी बचत योजनाओं के ब्याज दर में एक फीसद से अधिक तक की कटौती पर ट्वीट के जरिये प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर कम करना तकनीकी रुप से सही हो सकता है। पर मौजूदा वक्त ऐसा करने की बिल्कुल इजाजत नहीं देता।

चिदंबरम ने कहा- 30 जून तक पुरानी ब्याज दरों को बहाल करना चाहिए

उनके मुताबिक अनिश्चित आय और गंभीर संकट के समय में लोग अपनी बचत पर मिलने वाले ब्याज पर निर्भर करते हैं। ऐसे में सरकार को तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए और मौजूदा हालत को देखते हुए 30 जून तक पुरानी ब्याज दरों को बहाल करना चाहिए।

कोरोना, लॉकडाउन के चलते अब विकास पर नहीं, लोगों को बचाने की चिंता होनी चाहिए

सरकार पर कटाक्ष करते हुए चिदंबरम ने कहा 'मुझे पता है कि कभी-कभी सरकार बेवकूफी भरी सलाह पर काम करती है, लैकिन मैं हैरान हूं कि यह सलाह कितनी बेवकूफी भरी है।' कोरोना और लॉकडाउन से बढ़ी आर्थिक चुनौतियों से वाकिफ होने का संकेत करते हुए चिदंबरम ने कहा 'मेरे विचार में हमें अब विकास की चिंता नहीं करनी चाहिए। किसी भी कीमत पर फोकस लोगों के जीवन को बचाने पर होना चाहिए।' कोरोना की आर्थिक चुनौती के लिए राहत सहायता के 1.70 लाख करोड रुपये के पैकेज को अपर्याप्त बताते हुए कांग्रेस नेता ने दो दिन पहले सरकार से दूसरे बड़े आर्थिक पैकेज की मांग की थी। आर्थिक पैकेज की दूसरी किश्त की घोषणा नहीं करने के सरकार के रुख पर उन्होंने अपनी निराशा भी जताई।

ब्याज दरों के घटाने के फैसले से 30 करोड लोगों का बचत प्रभावित हुआ

कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने भी प्रेस कांफ्रेंस कर ब्याज दरों के घटाने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे करीब 30 करोड लोगों का बचत सीधे प्रभावित हुआ है। इस कटौती से मध्यम वर्ग, पेंशनर, किसान, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक समेत सभी लोगों को मुश्किल होगी।

Posted By: Bhupendra Singh

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