नई दिल्ली, प्रेट्र। भ्रष्टाचार के मामले में तिहाड़ जेल में बंद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम (P Chidambaram) ने सरकार से पूछा है कि उसने बांग्लादेश (Bangladesh) को यह भरोसा दिलाया है कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (National Register of Citizens) का उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, तो फिर गैर नागरिक करार दिए गए 19 लाख लोगों का वह क्या करेगी।

चिदंबरम ने जानना चाहा है कि एनआरसी (NRC) से बाहर रह गए लोगों को कब तक अनिश्चितता, चिंता के साथ ही नागरिक व मानवाधिकारों से वंचित रहना पड़ेगा। कांग्रेस नेता ने कहा है कि देश आज महात्मा गांधी के मानवातावाद का जश्न मना रहा है, ऐसे में इन सवालों का जवाब मिलना जरूरी है।

परिवार के सदस्यों से कराया ट्वीट

चिदंबरम अपने परिवार के सदस्यों से कराए ट्वीट में कहा है, 'अगर एनआरसी कानूनी प्रक्रिया है, तो गैर-नागरिक करार दिए गए 19 लोगों के साथ कानून किस तरह निपटेगा।' उन्होंने आगे कहा, 'अगर बांग्लादेश को यह भरोसा दिलाया गया है कि एनआरसी का उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, तब भारत 19 लोगों के साथ कैसे निपटेगा।'

पांच सितंबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं चिदंबरम

बता दें कि चिदंबरम आइएनएक्स मीडिया मामले में पांच सितंबर से ही तिहाड़ जेल में बंद हैं। शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को पेट में दर्द की शिकायत के बाद दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। हालांकि चेकअप के बाद उनको वापस तिहाड़ जेल में भेज दिया गया।   

वजह से वजन कम होने की शिकायत

इससे पहले चिदंबरम ने जेल का खाना खाने की वजह से वजन कम होने की शिकायत की थी। जिसके बाद कोर्ट ने चिदंबरम को घर से बना खाना मंगाने की इजाजत दी थी। कोर्ट ने उन्हें सिर्फ दिन में एक बार ही घर का खाना खाने की इजाजत दी।                   

Posted By: Manish Pandey

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