रायपुर, जेएनएन। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार की गोबर खरीदी योजना को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति शुरू हो गई है। प्रदेश में भाजपा नेता भले ही खरीदी को लेकर आक्रामक नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय महामंत्री मुरलीधर राव के ट्वीट पर सियासत गरम हो गई है। मुरलीधर ने ट्वीट करके कहा कि भाजपा गोबर की बात करती है तो सांप्रदायिक, मध्ययुगीय दकियानूस और भगवाकरण के आरोपों से घिर जाती है, लेकिन अगर कांग्रेस करे तो मायने कुछ और हो जाते हैं। कांग्रेस के लिए अच्छा रहेगा कि राहुल गांधी को इस योजना का ब्रांड एंबेसडर बना दिया जाए। मुरलीधर यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के जनेऊ पहनने से कुछ नहीं होगा। वे गोबर बांटें और गोमूत्र का छिड़काव करें। हालांकि वामपंथी बुद्धिजीवियों को कांग्रेस का यह कार्य हजम नहीं हो रहा होगा।

कांग्रेस बोली-आपकी दृष्टि में दकियानूसीपन

मुरलीधर राव के ट्वीट का जवाब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा और कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने दिया है। विनोद वर्मा ने ट्वीट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार गोबर की बात कैंसर के इलाज या सोना निकालने के लिए नहीं कर रही है। जैसा कि भाजपा के विद्वान कहते हैं। भूपेश बघेल इसे रोजगार, गोवंश संरक्षण और कृषि सुधार से जोड़कर देख रहे हैं। गोबर समस्या नहीं है, आपकी दृष्टि में जो दकियानूसीपन है, उसकी समस्या है। वहीं, शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि गोबर खरीदी को समझना भाजपा के बस की बात नहीं।

दरअसल, भूपेश बघेल सरकार ने गोबर खरीदी की जो पहल की है, उससे भाजपा के पांव के नीचे से जमीन खिसक गई है। इसकी तकलीफ भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री के ट्वीट और बयानों में झलक रही है। भाजपा के लिए गाय केवल वोट और नोट कमाने का माध्यम है। भाजपा ने गाय का भरपूर उपयोग नोट के लिए, वोट के लिए और घोटाले के लिए किया, लेकिन गाय के हित की बातें नहीं सोची। राव को यह समझ लेना चाहिए कि भाजपा गोबर और गोबर से सोना निकालने की बात करती है, इसलिए सांप्रदायिक, मध्ययुगीन और दकियानूस कहलाती है।

Posted By: Tilak Raj

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