बेंगलुरु, प्रेट्र। विपक्षी पार्टियों के प्रमुखों के साथ मुलाकात कर चुके आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के साथ मुलाकात की। इस दौरान उनके कर्नाटक के समकक्ष एचडी कुमारस्वामी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और संस्थानों को तबाही से बचाने के लिए विपक्षी पार्टियों का भाजपा के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है।

 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा विरोधी मोर्चा गठित करने को ध्यान में रखते हुए नायडू ने आरोप लगाया कि भाजपा की अगुआई वाली एनडीए सरकार ने सीबीआइ, आरबीआइ सहित हर संस्थान को तबाह कर दिया है।

देवगौड़ा और कुमारस्वामी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, 'इस महान देश को बचाने और संरक्षित रखने के लिए एकजुट होना हमारी जवाबदेही है। देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना भी जरूरी है।' उन्होंने संकेत दिया कि सरकार बनाने के लिए 1996 का माडल भी एक विकल्प हो सकता है। उस समय देवगौड़ा के नेतृत्व में बनी सरकार को कांग्रेस ने बाहर से समर्थन दिया था।

नायडू ने कहा, 'प्रधानमंत्री प्रत्याशी का फैसला हम कर लेंगे। हम सभी एकजुट होंगे। हमारा पहला लक्ष्य लोकतंत्र और देश को बचाना है। हमारा कहना है कि कांग्रेस मुख्य और बड़ी पार्टी है। यदि आप प्रयोग देखना चाहते हैं तो वह देवगौड़ा के प्रधानमंत्री बनने के समय था।' उस समय तीसरा मोर्चा को सरकार बनाने का अवसर मिला था। तब हमने कांग्रेस से बाहर से समर्थन लिया था। यही एकमात्र प्रयोग रहा।

उन्होंने कहा, 'मैंने पहल की है और मैं हर किसी से मिल रहा हूं। इसके बाद हम बैठक करेंगे और भविष्य के कदम के बारे में फैसला लेंगे।' कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने भी नायडू के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी पर बाद में चर्चा की जा सकती है। लेकिन इस समय विपक्ष की एकजुटता और लोकतंत्र को बचाने पर ध्यान केंद्रित है। उन्होंने कहा कि दिसंबर या जनवरी में विशाल किसान रैली आयोजित की जाएगी। भाजपा को छोड़ सभी क्षेत्रीय नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा।

Posted By: Arun Kumar Singh