नई दिल्‍ली, एएनआइ। Lok Sabha Election-2019 आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) ने 22 विपक्षी दलों के नेताओं के साथ मंगलवार को चुनाव आयोग (Election Commission of India) से मुलाकात की और उसे ज्ञापन सौंपा। चंद्रबाबू नायडू की अगुआई वाले विपक्षी दलों के नेताओं के इस प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि किसी पोलिंग बूथ में विसंगति पाए जाने की स्थिति में पूरे विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम (EVM) के आंकड़ों का VVPAT पर्चियों से मिलान कराया जाए। यही नहीं नेताओं ने ईवीएम में टेम्परिंग की भी आशंका जताई। देर शाम को चंद्रबाबू नायडू ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि चुनाव आयोग को हमारी मांगों को लेकर समस्या है। 

इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के राजबब्‍बर, गुलाम नबी आजाद, अभिषेक मनु सिंघवी, बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा, आप नेता अरविंद केजरीवाल, द्रमुक नेता कनिमोझी, भाकपा के डी. राजा और तृणमूल कांग्रेस के नेता शामिल थे। मालूम हो कि लोकसभा चुनाव की मतगणना में कुछ घंटे अभी बाकी होने से पहले ही प्रमुख विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में बैठक की। इस बैठक में मतगणना के बाद गैर राजग सरकार के गठन को लेकर विपक्षी नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ।

विपक्षी दलों के नेताओं के इस प्रतिनिधिमंडल की मांग है कि किसी पोलिंग बूथ में विसंगति पाए जाने की स्थिति में पूरे विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम (EVM) के आंकड़ों का VVPAT पर्चियों से मिलान कराया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल की अगुआई चंद्रबाबू नायडू ने की। आयोग से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हम इन मुद्दों को पिछले डेढ़ महीने से उठाते रहे हैं। हम निर्वाचन आयोग से जानना चाहते हैं कि वह हमारी शिकायतों पर जवाब क्‍यों नहीं दे रहा है। अजीब बात है कि चुनाव आयोग ने हमें लगभग एक घंटे तक सुना और आश्वासन दिया कि वह कल सुबह फिर से उक्‍त मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मिलेगा। 

बता दें कि चंद्रबाबू नायडू ईवीएम में कथित गड़बड़ी को लेकर काफी दिनों से चुनाव आयोग से शिकायत करते रहे हैं। उन्‍होंने चुनाव आयोग से लोकसभा चुनावों की मतगणना के दौरान ईवीएम के बजाय VVPAT से मतों की गिनती करने का आग्रह किया था। नायडू ने सोमवार को अपना विरोधी स्वर तेज करते हुए कहा था कि इस समय राजनीतिक पार्टियां ईवीएम की सुरक्षा में लगी हैं, क्योंकि ऐसी अफवाह है कि फ्रीक्वेंसी की मदद से ईवीएम में स्टोर डाटा बदला जा सकता है। 

बीते सात मई को सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपैट (VVPAT) को लेकर विपक्षी दलों की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी थी। विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट से 50 फीसद वीवीपैट पर्चियों को ईवीएम (EVM) आंकड़ों से मिलाने की मांग की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि वह मामले पर पुनर्विचार का इच्छुक नहीं है। इससे पहले आठ अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हर विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम को वीवीपैट की पर्ची से मिलाने के आदेश को एक से बढ़ाकर पांच कर दिया था। पहले एक विधानसभा से सिर्फ एक ईवीएम का ही वीवीपैट की पर्ची से मिलान किया जाता था।   

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