नई दिल्ली, एएनआइ। कैप्टन अमोल यादव जिन्होंने छह सीटर स्वदेशी प्रायोगिक विमान बनाया है, ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। 

शुक्रवार को कैप्टन अमोल यादव को डीजीसीए ने छह सीटर स्वदेशी प्रायोगिक विमान उड़ाने की अनुमति दी थी। डीजीसीए ने उन्‍हें यह अनुमति सशर्त दी है। उन्‍हें पहली उड़ान में 10 घंटे तक विमान उड़ाने और 10 हजार करोड़ फिट से ऊंचाई नीचे रखना होगा। यादव का यह अब सपना पूरा हो गया है।

अमोल यादव, जो कुछ समय पहले जेट एयरवेज के एक वरिष्ठ कमांडर थे, को अपने पैसे से छह सीटर विमान बनाने में छह साल लगे। उन्होंने अगले वर्ष DGCA से पंजीकरण का प्रमाण पत्र प्राप्त किया। 2016 में बीकलांग मेक इन इंडिया कार्यक्रम के दौरान विमान को चित्रित किया गया था।

चुनाव आयोग की अनुमति के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको प्रमाण पत्र सौंपा। डीजीसीए ने अनुमति के लिए कई प्रतिबंध लगाए हैं, परीक्षण के दौरान दुर्घटना के लिए कोई जगह नहीं है और यादव को परीक्षण करने से पहले एचएएल में 15 दिन के पाठ्यक्रम से गुजरना होगा। एक बार जब वह परीक्षण को मंजूरी देता है तो उसे एक एयरवर्थनेस प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

वर्तमान में दिल्ली में डीजीसीए से औपचारिक रूप से प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए यादव, जो अब कम-लागत वाहक स्पाइसजेट के साथ काम करते हैं, को 40 घंटे के परीक्षण में बनाए गए विमान को उड़ाना होगा। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड फ्लाइट टेस्ट विशेषज्ञ विंग कमांडर लगनजीत बिस्वाल उड़ान की निगरानी करेंगे और एक पर्यवेक्षक उनका साथ देगा।

Posted By: Arun Kumar Singh

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