जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने शनिवार को साफ किया कि नागरिकता संशोधन कानून राज्य में लागू नहीं होगा। गहलोत ने कहा कि यह कानून असंवैधानिक है। सीएम गहलोत रविवार को राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों, विधायकों, कांग्रेस पदाधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ जयपुर में शांति मार्च निकालेंगे।

गहलोत ने अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से की शांति मार्च निकालने की अपील

गहलोत ने अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से भी शांति मार्च निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में हिंसा हो रही है, वहां के मुख्यमंत्रियों को शांति मार्च निकालना चाहिए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यदि शांति मार्च निकालकर सबको साथ लेते तो वहां हालात नहीं बिगड़ते।

भाजपा भड़काऊ बयानबाजी करती है

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यदि शांति मार्च निकालकर सबको साथ लेते तो वहां हालात नहीं बिगड़त,14 लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह एनआरसी लागू करने की प्रतिबद्धता धमकी की तरह जता रहे हैं। उनकी पार्टी के कई लोग भड़काऊ बयानबाजी करते हैं। धार्मिक आधार पर लोगों को देश से बाहर करने और बसाने को लेकर सरकार खुद अफवाह फैला रही है।

अफवाह फैलाने से बचने की अपील

गहलोत ने प्रदेश के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा और अफवाहों से बचें, न ही उन्हें फैलने दें। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है, हिंसा करने वाले और हिंसा फैलाने वाले आमजन के दुश्मन हैं। गहलोत ने कहा कि मैं पुनः सरकार से आग्रह करूंगा कि कृपा करके स्थिति को समझें, देश उबल रहा है, लोगों की जानें जा रही हैं। हालात बेहद गंभीर हैं, इस कंट्रोवर्सियल कानून को वापस लें, ऐसे विभाजनकारी फैसले से मुल्क का भला नहीं होने वाला है।

भारत पर पूरे विश्व की निगाह, गांधी के मुल्क में यह हो क्या रहा

उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी सरकार से आग्रह किया है कि धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार दोनों लोकतंत्र के मूल सिद्धांत हैं। सिर्फ अमेरिका की ही बात नहीं पूरे विश्व की निगाह भारत पर लगी हुई है कि गांधी के मुल्क में ऐसे हालात कैसे बने, यह हो क्या रहा है।

गहलोत लोगों को भड़का रहे : भाजपा

भाजपा ने सीएए को लेकर गहलोत की बयानबाजी को संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन बताया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने आरोप लगाया कि गहलोत जनता को भ्रमित कर मोदी सरकार के खिलाफ भड़का रहे हैं। पूनिया ने कहा की मुख्यमंत्री गहलोत को शांति मार्च की नौटंकी छोड़कर, एक जिम्मेदार राजनेता की तरह व्यवहार करना चाहिए। उनके ऊपर कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी है और वो लोगों को भड़का कर कानून तोड़ने के लिए उकसा रहे है।

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