चेन्नई, एएनआइ। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ अभी भी देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है। तमिलनाडु में भी नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालीन ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हम नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ शांतिपूर्वक लड़ाई लड़ने वाले लोगों पर जानबूझकर किए गए हमले (14 फरवरी) पर एडप्पादी सरकार और पुलिस की निंदा करते हैं।

साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द जिन लोगों को बंदी बनाया गया है उन्हें रिहा किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को भी वापस लिया जाना चाहिए। एमके स्टालिन ने प्रदर्शनकारियों पर हुए हमले की निंदा करते हुए 14 फरवरी की रात को ब्लैक नाइट घोषित दिया है। 

खबरों के अनुसार, तमिलनाडु में 6 से ज्यादा शहरों में महिलाएं सड़कों पर उतर गई हैं और सीएए का विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। चेन्नई में वाशरमैनपेट में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके बाद फिर कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, बाद में प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया था। दरअसल, ये मामले तब भड़क गया जब पुलिस ने प्रदर्शनस्थल से कुछ लोगों को जरबन हटाया। इसके बाद ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों में भिड़त हो गई। 

पुलिस कर्मी भी जख्मी

इसपर चेन्नई पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के साथ हुई भिड़ंत में चार पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए है। इनमें एक महिला डिप्टी कमिश्नर, एक सब इंस्पेक्टर और दो महिला अधिकारी शामिल हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव में पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। 

दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके भी कुछ लोग जख्मी हुआ हैं। जैसे ही हंगामा बढ़ा पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। बाकी लोगों ने उनकी रिहाई के लिए नारेबाजी शुरु कर दी। हालांकि, बाद में स्थिति पर काबू कर लिया गया। 

Posted By: Ayushi Tyagi

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