नई दिल्ली, एएनआइ। राज्यसभा बजट सत्र 2020 के दूसरे भाग के दूसरे सप्ताह में उत्पादकता में 82.6 प्रतिशत की वृद्धि देखी। राज्य सभा सचिवालय ने शनिवार को इसकी जानकारी दी है। सदन की कार्यवाही  16 घंटे और 30 मिनट के लिए निर्धारिक की गई थी। लेकिन कार्रवाई 13 घंटे 38 मिनट ही चली। इससे पहले सप्ताह में 9.5 फीसदी उत्पादकता देखी गई। बता दें कि संसद के बजट सत्र के पहले चरण में नौ कार्यदिवस पर राज्यसभा में 96 प्रतिशत कामकाज हुआ। 31 जनवरी से राज्यसभा बजट सत्र के पहले चरण में 41 घंटे के निर्धारित समय में 96 प्रतिशत कामकाज पूरा किया गया था। 

वहीं दूसरी तरफ बजट सत्र के दौरान गुरुवार को लोकसभा में लंबे समय तक कार्यवाही चली। गुरुवार को हुई इस कार्रवाई में  बिना लंच और डिनर किए 12 घंटे तक कामकाज होता रहा।नजानकारी के लिए बता दें कि संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण जारी है। भाजपा ने अपने लोकसभा सांसदो को 16 मार्च तक के लिए सदन में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। इसके लिए सांसदों को व्हिप भी जारी की गई है। इससे पहले लोकसभा में शुक्रवार को रेल मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगे पारित की गई थी। 

वहीं, दूसरी तरफ शुक्रवार को हुई कार्रवाई के दौरान  संसद में देश में जातिगत जनगणना और प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग की गई। इसी के साथ राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के विशंभर प्रसाद निषाद ने 2021 की जनगणना जातिगत कराए जाने के साथ ही ओबीसी आरक्षण में मिली क्रीमी लेयर की सीमा को खत्म करने के लिए मांग की। बता दें कि आखिरी बार देश में जातिगत जनगणना 1931 में हुई थी। साथ ही भाजपा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की मांग की थी। 

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Posted By: Ayushi Tyagi

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