राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में 26 मार्च को होने वाले तीन राज्यसभा सीटों के चुनााव में भाजपा अपनी दोनों मौजूदा सीटों पर कब्जा बरकरार रखने के लिए पूरी कोशिश करेगी। केंद्रीय स्तर से पार्टी के प्रदेश संगठन को मिले संकेतों में कहा गया है कि वह चुनाव लड़ने वाले ऐसे प्रत्याशी का नाम तय करे, जिसे निर्दलीय सहित अन्य विधायकों का भी समर्थन मिल सकता है। इस बारे में प्रदेश संगठन जल्द ही मंथन शुरू करेगा।

उल्लेखनीय है कि मप्र के तीन मौजूदा राज्यसभा सदस्यों- प्रभात झा, सत्यनारायण जटिया और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है। वर्तमान दलीय स्थिति के मुताबिक तीन में से एक-एक सीट कांग्रेस व भाजपा को मिलना तय है, लेकिन तीसरी सीट के लिए मतदान की स्थिति बन सकती है।

2008 की तरह होगी जोड़-तोड़

रिक्त हो रही तीसरी सीट जीतने के लिए प्रदेश में इस बार भी वर्ष 2008 की तरह जोड़-तोड़ और खरीद-फरोख्त की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। हालांकि निर्दलीय, समाजवादी और बहुजन समाज पार्टी के सातों विधायक कांग्रेस को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन मंत्री नहीं बनाए जाने से कई विधायक फिलहाल सत्तारूढ़ कांग्रेस से नाराज हैं। बीच-बीच में वे बयानों के जरिए अपनी नाराजगी भी जाहिर कर रहे हैं। इससे संभावना बन रही है कि विपक्षी पार्टी भाजपा इन विधायकों के साथ कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह का फायदा उठा सकती है।

निर्दलीय तय करेंगे तीसरी सीट चुनाव अगले माह होना हैं, लेकिन मप्र की सियासत अभी से गर्म हो गई है। तीसरी सीट के लिए निर्दलीय विधायकों की भूमिका अति महत्वपूर्ण होगी। एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के वोट की जरूरत पड़ेगी। विस की मौजूदा दलीय स्थिति के लिहाज से तीसरी सीट के लिए कांग्रेस के पास 56 और भाजपा के पास 50 विधायक बचेंगे। कांग्रेस को जीत के लिए जहां दो वोट की जुगाड़ करनी होगी, वहीं भाजपा को आठ विधायकों के वोटों की जरूरत होगी। ऐसे में दोनों दलों की नजर निर्दलीय विधायकों पर होगी।

राज्यसभा के दावेदार सक्रिय

राज्यसभा में जाने के लिए भाजपा में कई दावेदार सक्रिय हो गए हैं। फिलहाल मालवांचल से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी इस दौड़ में शामिल हैं। वहीं मालवांचल में आदिवासी सीटों में मिली हार की भरपाई करने के लिए पार्टी के नेता किसी आदिवासी को राज्यसभा भेजना चाहते हैं। महाकोशल से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से पूर्व महाधिवक्ता रविनंदन सिंह का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है। विनोद गोटिया भी कतार में हैं, वे एक बार राज्यसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। चंबल से अजा कोटे से लाल सिंह आर्य को भी प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति तय करने के लिए संगठन जल्द ही विचार करेगा। भाजपा के पास दो सीटें हैं। हमारी कोशिश होगी कि दोनों सीटें वापस पार्टी की झोली में आ जाएं।

Posted By: Dhyanendra Singh

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