नई दिल्‍ली, एएनआइ। भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह इस वक्‍त त्रिपुरा दौरे पर हैं, जहां इसी महीने विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। आज उन्‍होंने अगरतला में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि त्रिपुरा में अगली सरकार भाजपा की होगी। पूरे राज्‍य में सीपीआइएम सरकार के खिलाफ गुस्‍से का माहौल है, क्‍योंकि जब विकास की बात होती है तो उनके कुशासन के कारण त्रिपुरा सबसे पीछे पाया जाता है।

वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा को लेकर भी अमित शाह ने राज्‍य की सीपीआइएम सरकार पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि हमारे एक बूथ कार्यकर्ता को अगवा कर लिया गया था। जब दो दिनों तक कुछ पता नहीं चला तो हमारे कार्यकर्ताओं ने डीजीपी पर दबाव डाला। तब हमें पता चला कि सीपीआइएम कैडर उसकी द्वारा हत्‍या कर दी। यहां का प्रशासन सीपीआइएम के दबाव में काम करता है।

गौरतलब है कि त्रिपुरा में पिछले 25 सालों से वामपंथी सरकार है। इस बार भाजपा उसे कड़ी चुनौती देती दिख रही है। अगले रविवार को राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी सिलसिले में अमित शाह ने रविवार को यहां करीब आठ किलोमीटर का रोड शो किया और रैलियों को संबोधित करते हुए वोटरों से बदलाव का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में 'लाल भाई' ([वामपंथ)] की सरकार और इसके कैडरों ने विकास के नाम पर सरकारी पैसों को लूटा है। इसलिए ऐसी सरकार को उखाड़ फेकें। साथ ही वादा किया कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो राज्य को 'मॉडल स्टेट' बनाया जाएगा।

भाजपा अध्यक्ष ने राज्य के लोगों से और भी कई वादे किए। इनमें युवाओं को स्मार्टफोन, सरकारी कर्मियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देना भी शामिल है। जबकि चिटफंड के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं राहुल गांधी का नाम लिए बगैर अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने माणिक सरकार की अगुआई वाली माकपा सरकार की सत्ता में वापसी में मदद के लिए 'वोट कटवा' प्रत्याशी खड़े किए हैं।

मालूम हो कि पिछले चुनाव तक कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल रही है, लेकिन उसके विधायकों समेत कई नेता भाजपा में शामिल हो गए हैं। इससे कांग्रेस को गंभीर नुकसान होता मालूम पड़ रहा है।

Posted By: Pratibha Kumari