नई दिल्‍ली (एएनआई)। संसद परिसर में शुक्रवार को कांग्रेस के खिलाफ भाजपा सांसद विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके जरिए कांग्रेस पर निशाना साधा गया है और इनका आरोप है कि बिना काम-काज संसद का बजट सत्र खत्‍म होने के पीछे कांग्रेस की नकारात्‍मक राजनीति है। कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने कहा, विरोध प्रदर्शन के दूसरे चरण में 12 अप्रैल को सभी भाजपा सांसद अपने-अपने क्षेत्र में एक दिन के लिए खाने का त्‍याग करेंगे। यह आंदोलन पूरे देश में होगा।  

बजट सत्र की प्रोडक्‍टीविटी के आंकड़े

अनंत कुमार ने संसद के बजट सत्र में कामकाज की समीक्षा करते हुए प्रोडक्‍टीविटी के आंकड़े बताए। आंकड़ों के अनुसार, लोकसभा के बजट सत्र के पहले चरण में 134 फीसद प्रोडक्‍टीविटी रही, दूसरे चरण में 4 फीसद दसरी ओर राज्‍यसभा के पहले चरण में 96 फीसद और दूसरे चरण में 8 फीसद रही।

कांग्रेस की नकारात्‍मक राजनीति

केंद्रीय राज्‍य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, पूरा सत्र खत्‍म हो गया। देश की जनता इसे आसानी से नहीं लेगी। मुठ्ठी भर लोगों के कारण जनता की उम्‍मीदों पर खरा उतरने में हम असफल हुए।‘  अनंत कुमार ने कहा, ‘भाजपा लोगों को जोड़ने का काम करती है और कांग्रेस लोगों को बांटने का। विभाजनकारी और नकारात्‍मक राजनीति में कांग्रेस शामिल है। संसद को इसने चलने नहीं दिया। पिछले 23 दिनों के दौरान कांग्रेस के नकारात्‍मक व्‍यवहार के खिलाफ हम विरोध प्रदर्शन करेंगे।‘

लोकतंत्र विरोधी राजनीति

इससे पहले भी अनंत कुमार ने कांग्रेस पर हमला किया था। उन्‍होंने कहा था कि सरकार संसद के अंदर हर मुद्दे पर चर्चा को तैयार है। टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस और कांग्रेस की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी अनंत कुमार ने चर्चा को लेकर हामी भरी। अनंत कुमार ने कहा ‘कांग्रेस लोकतंत्र विरोधी राजनीति कर रही है। कांग्रेस ने संसद रोक कर रखा है। कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति के कारण काम नहीं हो पा रहा है।’

उन्होंने कांग्रेस पर असहिष्णु राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा ‘कांग्रेस असहिष्णु हो चुकी है। नरेंद्र भाई मोदी और भाजपा को देश की सेवा करने का जो जनादेश मिला है, कांग्रेस उसके खिलाफ असहिष्णु प्रदर्शन कर रही है।’ अनंत कुमार ने कहा कि इसी असहिष्णुता के विरोध में हमलोगों ने वेतन-भत्ता नहीं लेने का फैसला किया है।

Posted By: Monika Minal