नई दिल्ली, प्रेट्र। देश की आर्थिक स्थिति को लेकर विपक्ष के हमले के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) प्रासंगिक नहीं रह गया है। इसे बाइबिल, रामायण और महाभारत की तरह नहीं लिया जाना चाहिए। कॉर्पोरेट कर में कटौती से जुड़े संशोधन वाले कराधान कानून संशोधन विधेयक और इसी कानून पर अध्यादेश नामंजूर करने संबंधी विधायी प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा के दौरान सोमवार को भाजपा नेता ने यह टिप्पणी की। भाजपा सांसद ने कहा कि सतत आर्थिक विकास जीडीपी से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। उनसे पहले लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने जीडीपी में गिरावट को लेकर सरकार पर हमला किया।

भविष्य में जीडीपी की उपयोगिता नहीं: निशिकांत दुबे

दुबे ने दावा किया कि 1934 से पहले जीडीपी नहीं था। उन्होंने कहा, '(अर्थशास्त्री सिमोन) कुजनेट ने कहा है कि जीडीपी को बाइबिल, रामायण और महाभारत की तरह मानना अंतिम सत्य नहीं हो सकता। भविष्य में जीडीपी की ज्यादा उपयोगिता नहीं रह जाएगी। जीडीपी के बारे में जो भी बात कर रहे हैं वह गलत है। इस देश में जीडीपी का कोई औचित्य नहीं रह गया है।' उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण यह है कि कतार में खडे़ अंतिम व्यक्ति तक क्या सरकार पहुंचने में समर्थ है।

न्यू इंडिया के अज्ञानी अर्थशास्ति्रयों से भगवान बचाए : कांग्रेस

कांग्रेस ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा, 'भगवान लोगों को न्यू इंडिया के अज्ञानी अर्थशास्ति्रयों से बचाए।' कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जीडीपी में गिरावट और अर्थव्यवस्था सुस्त है, लेकिन मुख्यमंत्री, मंत्री और भाजपा सरकार के नेता विचित्र नमूने पेश कर रहे हैं। भगवान हमें ऐसे अज्ञानी अर्थशास्ति्रयों से बचाए।

Posted By: Dhyanendra Singh

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