मध्य प्रदेश सांची, अम्बुज माहेश्वरी। अयोध्या पर फैसला आने के बाद भगवान राम की मर्यादा के अनुकूल देश के लोगों ने आचरण किया है। दुनिया में हमारे देश की न्याय प्रक्रिया और संस्कारों की प्रतिष्ठा कायम हुई है। उत्तर प्रदेश के सीएम ने पिछले तीन साल में दीपावली उत्सव मनाकर अयोध्या की उदासी दूर की है। अयोध्या के विकास का खाका पहले से खिंचा हुआ है। हम इसे और ठीक कर आगे बढ़ाएंगे। यह बात मंगलवार को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने बातचीत में कही। उनसे चर्चा के मुख्य अंश...

सवाल : धर्म और आस्था के बीच प्रमाण को आधार मानकर कोर्ट का फैसला आया। आप क्या कहेंगे?

जवाब : अभी तो सिर्फ इतनी चर्चा होनी चाहिए कि शताब्दियों पहले से जो विवाद चला आ रहा था, उसका शांतिपूर्वक ढंग से फैसला आया। देश ने उसे शांति व शालीनता से स्वीकार किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने निर्णय के पहले ही कहा था कि यह न किसी की जीत, न किसी की हार होगी। हमें उत्साह नहीं दिखाना चाहिए। उन्माद की तरफ तो जाना ही नहीं चाहिए।

सवाल : अयोध्या को धर्म-आस्था के साथ पर्यटन हब के रूप में विकसित करने और मंदिर निर्माण से जुड़ा सरकार ने कोई खाका तैयार किया है क्या?

जवाब : मैं इस पूरे फैसले में तीन बातें देखता हूं। सुप्रीम कोर्ट की बेंच का एकजुटता के साथ फैसला आना सबसे बड़ी सफलता है। देश की जनता ने शांति और सद्भाव के साथ इसे स्वीकार किया, यह दूसरी सफलता है, जो यह बताती है कि राम की मर्यादा के अनुकूल देश के लोगों ने आचरण किया। दुनिया में हमारे देश की न्याय प्रक्रिया और संस्कारों की प्रतिष्ठा कायम हुई है। तीसरी महत्वपूर्ण बात जो स्वाभाविक है, मंदिर का निर्माण होना है। उच्चतम न्यायालय ने अपेक्षा की है कि तीन महीने के भीतर ट्रस्ट बने। भारत सरकार अपने उत्तरदायित्व के प्रति सजग है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री वैसे भी पिछले तीन वर्षों से दीपावली पर उत्सव करते आ रहे हैं। अयोध्या के विकास का खाका खिंचा हुआ है। हम इसे और ठीक करके आगे बढ़ाएंगे।

सवाल : जो प्रमाण फैसले के आधार रहे क्या उन्हें संरक्षित करने की कोई पहल होगी?

जवाब : एएसआइ (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) की रिपोर्ट को आधार माना गया है। एएसआइ मेरे मंत्रालय का हिस्सा है। जो रिपोर्ट प्रस्तुत हुई है, उसे पुस्तक के रूप में हम जरूर संग्रहित करेंगे क्योंकि यह रिपोर्ट इतने बड़े फैसले का बड़ा आधार बनी है। यह रिपोर्ट जल्द ही पुस्तक का रूप लेगी।

सवाल : अयोध्या में इस बार दीपावली उत्सव के आप साक्षी बने..कैसा लगा?

जवाब : अयोध्या की उदासी को दूर करने का काम योगी जी ने किया है। लाखों की संख्या में उत्साहित लोग थे। सरकारी कार्यक्रम जैसा नहीं, बल्कि जनता का कार्यक्रम नजर आ रहा था। अयोध्या इतने वर्षों तक जिन आघातों से प्रभावित रही है, पिछले तीन सालों में उनके इस आयोजन ने अयोध्या की उदासी को दूर किया है।

यह भी पढ़ें:

Exclusive Interview : डॉ. रामविलासदास वेदांती ने कहा, कम से कम दो सौ एकड़ भूमि पर बने रामलला का भव्य मंदिर

Exclusive Interview: दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेशदास ने कहा- रामनवमी को हो मंदिर का शिलान्यास

Posted By: Sanjay Pokhriyal

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप