मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

 जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पंचतत्व में विलीन हो गए। राजकीय सम्मान पूर्वक निगम बोध घाट पर पुत्र रोहन जेटली ने पार्थिव शरीर को जैसे ही मुखाग्नि दी, झमाझम बारिश होने लगी। उन्हें विदाई देने सभी दलों के लोग पहुंचे। दिल्लीवासियों के लिए यह किसी त्रासदी से कम नहीं है। उनका ख्याल रखने वाला अनंत यात्रा पर निकल गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे अरुण जेटली ने शनिवार दोपहर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में अंतिम सांस ली थी।

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रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर कैलाश कॉलोनी स्थित आवास से दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय लाया गया। यहां से सेना के खुले वाहन पर निगम बोध घाट ले जाया गया। साथ में उनकी पत्नी संगीता जेटली, पुत्र रोहन जेटली, बेटी सोनाली समेत परिवार के अन्य सदस्य भी थे। बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में साथ चल रहे थे। रास्ते भर 'जब तक सूरज चांद रहेगा- जेटली तेरा नाम रहेगा' और 'अरुण जेटली अमर रहे' जैसे नारे गूंजते रहे। प्रधानमंत्री मोदी महत्वपूर्ण विदेशी यात्रा पर होने के कारण अंतिम विदाई में शामिल नहीं हो सके।

 

वहीं, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु, लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, योग गुरु बाबा रामदेव, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह, कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, रेलमंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, प्रकाश जावडेकर, रमेश पोखरियाल निशंक, डॉ. हर्षवर्धन, रविशंकर प्रसाद, जितेंद्र सिंह, रामविलास पासवान, रामदास अठावले, संजीव बालियान व अनुराग ठाकुर ने श्रद्धांजलि दी।

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इसी तरह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, कर्नाटक के मुख्यमंत्री वाईएस येदियुरप्पा, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल, रालोद अध्यक्ष अजित सिंह भी अंतिम विदाई में पहुंचे।

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निगम बोध घाट पर भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री रामलाल, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी, दिल्ली से सांसद हंस राज हंस, रमेश विधूड़ी, मीनाक्षी लेखी, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान व सांसद गौतम गंभीर, पूर्व केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह, वरिष्ठ पत्रकार व अरुण जेटली के मित्र रजत शर्मा, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, फिल्म अभिनेता रजा मुराद समेत अन्य उपस्थित रहे।

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पीएम ने असाधारण राजनीतिज्ञ, बुद्धिजीवी और कानून का जानकार बताया
पीएम मोदी ने जेटली को असाधारण राजनीतिज्ञ, बुद्धिजीवी और कानून का जानकार बताया। उनके अनुसार, जेटली स्पष्टवादी नेता थे जिन्होंने देश को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, जेटली जीवन से भरपूर, हाजिर जवाब, विनोदी स्वभाव के साथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, यही कारण है कि उन्हें समाज के हर वर्ग के लोग चाहते थे। वे भारत के संविधान, इतिहास, शासकीय नीति, शासन और प्रशासन के बारे में गहरी जानकारी रखते थे। उन्होंने कहा कि 'भाजपा और अरुण जेटली का अटूट बंधन था। प्रखर छात्र नेता के रूप में, आपातकाल के दौरान वह लोकतंत्र की रक्षा में अग्रणी रहे।' बहरीन में अपने दौरे के एक भाषण में उन्‍होंने कहा कि जब सभी कृष्ण जन्मोत्सव मना रहे हैं, उस समय मेरे भीतर एक शोक है। मैं गहरा दर्द दबाए हुए बैठा हूं।पहले बहन सुषमा और अब मेरा दोस्‍त अरुण छोड़कर चला गया।

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शाह बोले,  भाजपा ने अपना एक यशस्वी नेता खो दिया
गृह मंत्री अमित शाह हैदराबाद के दौरे पर थे। जेटली के निधन की सूचना मिलते ही वे दिल्‍ली वापस लौटे। उन्‍होंने कहा कि जेटली के निधन से देश की राजनीति और भाजपा में एक शून्य पैदा हो गया है, जिसे भरना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपना एक यशस्वी नेता खो दिया है। अमित शाह ने कहा कि जब मैं जीवन में संकट के दौरे से गुजर रहा था तो अरुण जेटली हमेशा मेरे साथ खड़े रहे। भाजपा अध्यक्ष के रूप में मैंने न केवल संगठन का एक वरिष्ठ नेता बल्कि परिवार का एक अभिन्न सदस्य भी खो दिया है।

शाह के अनुसार, उन्हें जेटली का समर्थन और दिशा-निर्देश वर्षों से मिलता रहा। शाह ने जेटली को विलक्षण प्रतिभा का धनी बताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी और सरकार में विभिन्न जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वाह किया। साथ ही एक शानदार वक्ता और समर्पित कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने देश के वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री और राज्यसभा में विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री के गरीबों के कल्याण के विजन को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके साथ ही भारत को विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनाने के लिए वित्त मंत्री के रूप में बड़ा योगदान दिया था। शाह ने कहा कि जेटली लोकोन्मुखी व्यक्ति थे और हमेशा आम लोगों के कल्याण की बात सोचते थे। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में उन्होंने बढ़-चढ़कर योगदान किया।  

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संसद में नहीं गूंजेगी उनकी आवाज 
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अरुण जेटली की पत्नी संगीता को भेजे शोक संदेश में कहा कि जेटली ने चार दशक के शानदार करियर में राजनीति पर अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि चूंकि उनकी आवाज पवित्र संसद में नहीं गूंजेगी, लेकिन हमें हमेशा उनकी याद आएगी।

9 अगस्‍त को एम्स में हुए थे भर्ती
अरुण जेटली को सांस लेने में तकलीफ होने के कारण नौ अगस्त को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया। उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। हालत लगातार बिगड़ती चली गई। जेटली को जीवन रक्षक प्रणाली (Life Support System) पर रखा गया था। उनके स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए हाल के दिनों में पीएम मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत कई बड़े नेता लगातार अस्पताल का दौरा करते रहे। कुछ साल पहले जेटली का किडनी प्रत्‍यारोपण और बैरियाट्रिक सर्जरी हुई थी। बीच में वह इलाज के लिए अमेरिका भी गए थे।  

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Posted By: Arun Kumar Singh

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