भोपाल, राज्य ब्यूरो । मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी संग्राम के बीच कमलनाथ सरकार द्वारा आयोगों में की जा रही नियुक्तियों पर भाजपा हमलावर हो गई है। भाजपा नेताओं ने मंगलवार को राज्यपाल से मिलकर अल्पमत की सरकार द्वारा की जा रही नियुक्तियों को अवैध बताते हुए इन्हें रद करने की मांग की है। पिछले तीन दिन के दौरान की गई नियुक्तियों पर भाजपा ने आपत्ति ली है।

राज्य के सियासी संकट को लेकर सत्ताधारी दल और भाजपा के बीच डाल-डाल और पात-पात वाला खेल चल पड़ा है। सरकार के बहुमत परीक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के बाद मंगलवार को भाजपा नेताओं ने कमलनाथ सरकार द्वारा हाल ही में की गई संवैधानिक नियुक्तियों को अवैधानिक बताते हुए राज्यपाल टंडन से इन्हें रद्द करने की मांग कर दी। इस संबंध में भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा है।

राजभवन पहुंचे भाजपा नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह शामिल थे। उन्होंने ताजा नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग की है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि सरकार अल्पमत में है और बहुमत परीक्षण से बचने के लिए बहानेबाजी कर रही है। सरकार द्वारा ऐसी नियुक्तियां की जा रही हैं जो संवैधानिक प्रकृति की हैं और जिनका निश्चित कार्यकाल होता है।

संवैधानिक संकट के समय शक्तियां राज्यपाल के पास

ज्ञापन में अध्यक्ष राज्य महिला आयोग, अध्यक्ष राज्य युवा आयोग और सदस्य लोक सेवा आयोग जैसे पदों पर की गई नियुक्तियों का जिक्र भी किया गया है। संवैधानिक संकट के समय कोई महत्वपूर्ण नियुक्ति या स्थानांतरण की शक्तियां संविधान के अनुच्छेद 163 व 166 के तहत राज्यपाल में निहित होती हैं। अत: कमलनाथ सरकार को निर्देशित किया जाए कि वे उन अधिकारों का दुरपयोग वर्तमान अल्पमत की स्थिति में न करें।

तिवारी पर मामले का नियुक्ति से सीधा संबंध नहीं : शर्मा

उधर, जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने पत्रकारवार्ता में इन नियुक्तियों में शामिल मप्र युवा आयोग के अध्यक्ष अभय तिवारी के खिलाफ ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज होने संबंधी सवाल पर कहा कि इसका आयोग की नियुक्ति से सीधा मतलब नहीं है।

 आधी रात में प्रभार सौंपे जा रहे

-बहुमत में नहीं होने पर भी सरकार जल्दबाजी में नियुक्तियां कर रही है, आधी रात में प्रभार सौंपे जा रहे हैं। सरकार में टाइम काटू काम चल रहा है।

- शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री

सभी नियुक्तियां शू्न्य घोषित कर दी जाएंगीं

-सरकार में 'मरता क्या न करता' वाली स्थिति है। राज्यपाल के बिना अनुमोदन के हुई ये सभी नियुक्तियां शू्न्य घोषित कर दी जाएंगीं।

- गोपाल भार्गव, नेता प्रतिपक्ष

अपने लोगों को उपकृत किया जा रहा है

-कमलनाथ सरकार असंतोष को रोकने के लिए नियुक्तियां कर अपने लोगों को उपकृत कर रही है। इन नियुक्तियों की जानकारी राज्यपाल को भी नहीं दी गई।

- भूपेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री

Posted By: Sanjeev Tiwari

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