नई दिल्ली (एएनआइ)। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला की लोकसभा-विधानसभा चुनावों के बहिष्कार की धमकी की भाजपा नेता राम माधव ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर में पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव से ऊपर पार्टी पॉलिटिक्स का खेल खेल रहे हैं। माधव ने कहा कि कश्मीरी नेता नहीं चाहते कि उनके राज्य के लोग लोकतांत्रिक अधिकारों का लाभ उठा सकें।

फारुख पर बरसे माधव

एनसी प्रमुख की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए माधव ने कहा, 'कश्मीरी लोगों को लोकतांत्रिक अधिकार देने के लिए हम चाहते हैं कि घाटी, जम्मू और लद्दाख में स्थानीय निकाय चुनाव हों। फारुख अब्दुल्ला ने हमेशा अपनी पार्टी की राजनीति की है और लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार सुनिश्चित करने के प्रयास कभी नहीं किए हैं। अब जब प्रधानमंत्री मोदी ऐसा कर रहे हैं तो वह बहाने से इसका विरोध कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'अगर 35A के मुद्दे पर फारुख अब्दुल्ला पंचायत चुनावों का बहिष्कार करना चाहते हैं तो उन्हें इस बात का भी जवाब देना पड़ेगा कि उन्होंने करगिल चुनावों में हिस्सा क्यों लिया था और 10 सीटें कैसे जीत लीं? ये सिर्फ बहाने हैं।'

राजनीति करने का लगाया आरोप

माधव ने आरोप लगाया कि फारुख ने हमेशा से ही जम्मू कश्मीर की जनता को गुमराह किया है और इस बार भी वो संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य के हालातों को लेकर काफी गंभीर हैं लेकिन फारुख उनके प्रयासों में अड़ंगा लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

फारुख ने क्या कहा था

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार धारा 35ए पर अपना रुख साफ नहीं करती है तो उनकी पार्टी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव का भी बहिष्कार भी कर देगी। इससे पहले बुधवार को अब्दुल्ला ने कहा था कि पार्टी राज्य में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों का बहिष्कार करेगी।

इस बीच, राष्ट्रीय पैंथर्स पार्टी के नेता भीम सिंह ने कहा, 'मैं जम्मू-कश्मीर से आया हूं और राज्य में अब्दुल्ला की सरकार के दौरान विधायक था। अगर वे चुनाव नहीं लड़ेंगे तो क्या कोई अंतर आएगा? मुझे राज्य के लोगों से लगभग 1000 पत्र प्राप्त हुए हैं, जो चाहते है कि चुनाव में एनसी हिस्सा न ले।' उन्होंने कहा कि यदि वे (एनसी) चुनाव नहीं लड़ेंगे तो यह लोगों का आशीर्वाद होगा। जम्मू-कश्मीर के लोग इस फैसले का स्वागत करते हैं।'

Posted By: Nancy Bajpai