नई दिल्‍ली, एजेंसियां। कर्नाटक में मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्‍तीफे के बाद नए मुख्‍यमंत्री के चयन के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कर्नाटक भाजपा प्रभारी अरुण सिंह के दो केंद्रीय पर्यवेक्षक होने की संभावना है। इस बीच आज कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का इस्तीफा स्वीकार किया और उनसे अगले मुख्यमंत्री के शपथ लेने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि इस्तीफा देने के लिए किसी ने मुझ पर दबाव नहीं डाला। ये मैंने खुद फैसला लिया ताकि सरकार के 2 साल पूरे होने के बाद कोई और मुख्यमंत्री का पद संभाल सके। मैं अगले चुनाव में भाजपा को सत्ता में वापस लाने के लिए काम करूंगा। उन्होंने आंखों में आंसू के साथ कहा कि मैं हमेशा अग्निपरीक्षा से गुजरा और पार्टी को यहां तक पहुंचाया। वहीं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि भाजपा का संसदीय बोर्ड विधायक दल की बैठक में अगले मुख्यमंत्री (कर्नाटक के) का फैसला करेगा।

कर्नाटक की स्थिति पर शाह और नड्डा ने की अरुण सिंह से चर्चा

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्‍तीफे के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को चर्चा की। संसद भवन में हुई बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और कर्नाटक प्रभारी अरुण सिंह भी मौजूद थे। सूत्रों ने कहा कि पार्टी नेतृत्व द्वारा चुने गए नामों को मंजूरी के लिए भाजपा के संसदीय बोर्ड को सूचित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी कर्नाटक भाजपा विधायक दल का केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि नड्डा और शाह, जो कल रात गोवा और उत्तर पूर्व से राष्ट्रीय राजधानी लौटे थे, ने सिंह के साथ दक्षिणी राज्य के एक नए मुख्यमंत्री को खोजने के लिए कर्नाटक की स्थिति पर चर्चा करने के लिए आज मुलाकात की। इसकी मंजूरी के लिए संसदीय बोर्ड को संभावित मुख्यमंत्री के बारे में सूचित किया जाएगा।

जानें किन नामों की हैं अटकलें

कर्नाटक में पिछले दो दशकों से भाजपा का चेहरा बने 78 वर्षीय येदियुरप्पा लिंगायत समुदाय से आते हैं। राज्य में लिंगायत समुदाय की आबादी 15 फीसद है। नए सीएम की रेस में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिल बीएल संतोष और डिप्टी सीएम लक्ष्मण सावदी का नाम लिया जा रहा है। खनन मंत्री मुरुगेश निरानी भी येदियुरप्पा की तरह लिंगायत समुदाय से संबंध रखते हैं। वह रविवार को दिल्‍ली पहुंचे थे। भाजपा के महासचिव सीटी रवि, राज्य के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई का नाम भी मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, आइएएनएस के मुताबिक साथ ही लिंगायत, वोक्कालिगा, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से एक-एक उप मुख्यमंत्री बनाने बनाने पर विचार चल रहा है। अभी लिंगायत समुदाय के लक्ष्मण सावदी उप मुख्यमंत्री हैं।

Edited By: Arun Kumar Singh