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    Bihar Exit Poll में NDA की बन रही सरकार, पिछले दो विधानसभा चुनावों में बिहार में सटीक नहीं रहा है एक्जिट पोल

    Updated: Tue, 11 Nov 2025 11:30 PM (IST)

    बिहार विधानसभा चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत मिलने का अनुमान है। एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए 140-150 सीटें जीत सकती है, जबकि महागठबंधन ...और पढ़ें

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     महागठबंधन के बदलाव की गूंज पर एनडीए के विकास का नारा भारी

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के बाद आए तमाम एक्जिट पोल के अनुमानों में एनडीए पूर्ण बहुमत के साथ राज्य की सत्ता में वापसी कर रही है। एक्जिट पोल के अनुमानों के अनुसार एनडीए आसानी से 122 के जरूरी बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए 140-150 सीटें जीत सकता है।

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    चुनाव नतीजे एक्जिट पोल के आकलनों के अनुरूप रहे तो महागठबंधन के बदलाव की गूंज पर एनडीए के विकास का नारा भारी पड़ता दिख रहा है। चुनाव नतीजों को लेकर सामने आए रूझानों के हिसाब से साफ है कि बिहार में नीतीश राज कायम रहेगा तो सत्ता की डगर एक बार फिर राजद के युवा नेता तेजस्वी यादव से दूर रह सकती है।

    पूरी नहीं होगी पीके की उम्मीद

    वहीं बिहार में वैकल्पिक राजनीति का तीसरा कोण बनाने की प्रशांत किशोर की मुहिम चुनावी पिच पर काफी कमजोर साबित होती दिख रही है और उनकी पार्टी जनसुराज प्रतिष्ठा बचाने लायक सीटें भी जीतने की स्थिति में नहीं दिख रही है। बिहार में मतदान समाप्त होने के बाद मंगलवार को टीवी न्यूज चैनलों ने कई एजेंसियों की ओर से किए गए एक्जिट पोल के अनुमानों का प्रसारण किया जिसमें लगभग सभी में एनडीए के बड़ी बहुमत से सत्ता में बने रहने का दावा किया गया है।

    न्यूज-19 चैनल के एक्जिट पोल में सामने आए रूझानों के अनुसार एनडीए के राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से 140-150 सीटें जीतने का दावा किया गया है। वहीं महागठबंधन के खाते में 85-95 सीटें जाने का अनुमान लगाया गया है। वैसे तो कई न्यूज चैनलों ने एक्जिट पोल दिखाए मगर उन्होंने इसका दारामेदार चुनाव बाद सर्वेक्षण करने वाली एजेंसियों पर ही डाला। चाणक्य स्ट्रेटजीज एजेंसी के न्यूज 24 चैनल पर प्रसारित एक्जिट पोल के अनुसार भी एनडीए को बिहार में आसानी से सत्ता मिलने जा रही है और एनडीए 130-138 सीटें जीतने जा रहा है।

    एजेंसी राजग (NDA) महागठबंधन अन्य
    मैट्रिज 147-167 70-90 2-10
    पी मार्क 142-162 80-98 1-7
    जेवीसी पोल 135-150 88-103 3-6
    पीपल्स पल्स 133-159 75-101 2-15
    पीपल्स इनसाइड 133-148 87-102 3-8
    पोलस्टार्ट 133-148 87-102 3-5
    चाणक्य स्ट्रैटजीज 130-138 100-108 3-5

    सौ का आंकड़ा पार करेगा महागठबंधन

    हालांकि उसके आंकड़ों के मुताबिक महागठबंधन भी सौ का आंकड़ा पार करते हुए 100-108 सीटें जीत रहा है। एक्जिट पोल करने वाली इन एजेंसियों के वैज्ञानिक तौर-तरीकों चाहे जो हों मगर सब चुनाव में एनडीए की जीत के ही अनुमान लगा रहे हैं। मैटराइज का अनुमान है कि एनडीए को 147-167 सीटों के साथ बहुत बड़ा बहुमत मिलने जा रहा है तो महागठबंधन महज 70-90 सीटों तक ही सिमट जाएगा।

    पी-मार्क के एक्जिट पोल में एनडीए 142-162 और महागठबंधन 80-98 सीटें मिलने की बात कही गई है। पीपुल्स प्लस भी इसी आंकड़ें के आस-पास है और उसके मुताबिक एनडीए 133-159 और महागठबंधन 75-101 सीटें हासिल कर रहा है। जबकि जेवीसी नाम की एक एजेंसी के रूझानों में एनडीए 135-158 तो महागठबंधन 88-103 सीटें जीत रहा है।

    एक्जिट पोल के इन अनुमानों पर यदि भरोसा किया जाए तो इसमें बिहार का चुनावी जनादेश जहां एनडीए के पक्ष में स्पष्ट दिख रहा है वहीं महागठबंधन मजबूत विपक्ष की भूमिका से आगे बढ़ती नहीं दिख रही है। जबकि बिहार में राजनीति की नई उम्मीद लेकर मैदान में उतरे प्रशांत किशोर की जनसुराज कम से कम एक्जिट पोल के अनुमानों के आधार पर विधानसभा में अपना खाता खोलने के लिए भी संघर्ष करती दिख रही है।

    बिहार में मंगलवार को दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होने के साथ ही विभिन्न एजेंसियों के एक्जिट पोल के अनुमानों में राजग को पूर्ण बहुमत के साथ एक बार फिर सत्ता में वापसी करते हुए दर्शाया गया है। इन एक्जिट पोल में दिखाया गया है कि 243 सदस्यीय विधानसभा में राजग 140 से 150 सीटें जीत सकता है। देखा जाए तो एक्जिट पोल को अक्सर अंतिम नतीजों का सूचक माना जाता है लेकिन जहां तक बिहार की बात है तो पिछले दो चुनावों यानी 2020 और 2015 में इनका आकलन सटीक नहीं रहा है। वैसे भी बिहार में जातिगत फैक्टर, कानून-व्यवस्था और विकास ऐसे मुद्दे हैं जाकि काफी हद तक चुनाव को प्रभावित करते हैं और ऐसी सूरत में एक्जिट पोल करने वाली एजेंसियों के लिए सटीक अनुमान लगाना बड़ा मुश्किल हो जाता है।

    पिछले विधानसभा चुनाव (2020) में करीब 11 एक्जिट पोल में महागठबंधन को विजेता के रूप में पेश किया गया था और उसे लगभग 125 सीटें हासिल करते हुए दिखाया गया था। दूसरी ओर, राजग को लगभग 108 सीटें जीतते हुए दिखाया गया था यानी बहुमत से दर्जनभर से ज्यादा कम सीटें। हालांकि जब नतीजे आए तो भाजपा-जदयू वाला गठबंधन राजग 125 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखने में कामयाब रहा। राजद और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन को 110 सीटें ही मिल पाईं। इस तरह एक्जिट पोल का आकलन सहीं नहीं रहा।

    इसी तरह यदि उससे पिछले यानी 2015 के विधानसभा चुनाव के एक्जिट पोल की बात करें तो 2015 में छह प्रमुख एजेंसियों ने अपने एक्जिट पोल में कड़ी टक्कर का अनुमान लगाते हुए राजद-जदयू महागठबंधन को बढ़त मिलती दिखाई थी। गठबंधन को 123 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के 114 सीटों तक सीमित रहने की उम्मीद थी। तीन एक्जिट पोल ने राजद-जदूय महागठबंधन की स्पष्ट जीत की भविष्यवाणी की थी तो दो ने राजग के सत्ता में आने की बात कही थी। हालांकि, जब नतीजे आए तो राजद-जदयू महागठबंधन ने दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाई। यह गठबंधन 178 सीटें जीतने में कामयाब रहा जबकि राजग को सिर्फ 58 सीटें मिली थीं। हालांकि दो साल बाद ही 2017 में जदयू ने महागठबंधन से नाता तोड़कर भाजपा के साथ सरकार बना ली थी।