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Bihar Election Result 2025: शाह के 'चक्रव्यूह' में कैसे फंसे राहुल-तेजस्वी, PK से कहां हुई चूक? बिहार रिजल्ट की पूरी रिपोर्ट

By NILOO RANJAN KUMAREdited By: Prince Gourh
Published: Fri, 14 Nov 2025 09:29 PM (IST)

बिहार विधानसभा चुनाव में राजग की जीत का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों और अमित शाह की सूक्ष्म रणनीति को ...और पढ़ें

मोदी का चेहरा और शाह की रणनीति ने दिलाई राजग को जीत (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

मोदी का चेहरा और शाह की रणनीति ने दिलाई राजग को जीत (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. मोदी की रैलियां, शाह की सूक्ष्म रणनीति

  2. घटक दलों में तालमेल, कार्यकर्ताओं में एकता

  3. विकास, सुरक्षा को बनाया मुख्य मुद्दा

नीलू रंजन, जागरण, नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के चक्रव्यूह के आगे विपक्ष चारों खाने चित हो गया। जहां प्रधानमंत्री मोदी रैलियां और रोड शो करके भाजपा समेत राजग घटक दलों के उम्मीदवारों के लिए जनता के बीच पहुंचे, वहीं शाह की छाप चुनाव की तैयारियों से लेकर चुनाव अभियान तक हर तरफ दिखी।

इन दोनों ने 20 वर्षों के शासन के बावजूद राजग सरकार के पक्ष में लहर पैदा करने का कमाल कर दिखाया।जाहिर है बिहार विधानसभा चुनाव में राजग की शानदार जीत शाह की सूक्ष्म रणनीति, समयबद्ध संगठन एवं मतदाताओं की नब्ज पहचानने की क्षमता का परिणाम रही।

कैसे बनाई रणनीति?

शाह ने सीटों को लेकर घटक दलों के बीच न सिर्फ तालमेल को सफलतापूर्वक लागू किया, बल्कि उनके कार्यकर्ताओं एवं मतदाताओं को एक सूत्र में बांधने का काम भी किया। सीटों की नाराजगी दूर करने के लिए खुद वरिष्ठ नेताओं से मिले। इसके लिए चुनाव घोषणा से पहले राज्य से लेकर सीट स्तर तक राजग घटक दलों के सभी कार्यकर्ताओं की बैठकें कराईं।

परिणामस्वरूप कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक एकजुट राजग बड़ी ताकत बनकर उभरा। नेतृत्व और समन्वय को लेकर विपक्ष के सवालों के विपरीत, वह राजग की एकजुटता का भरोसा मतदाताओं में जगाने में सफल रहे। टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा नेताओं से खुद मिले और उनकी नाराजगी दूरकर प्रचार में शामिल होने के लिए राजी किया।

शाह ने प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता को केंद्र में रखते हुए विकास, सुरक्षा और स्थिरता को मुख्य मुद्दा बनाया। मोदी की एक-एक सभा का प्रभाव उन क्षेत्रों में स्पष्ट दिखा और राजग को भारी बढ़त मिली। रणनीति थी कि प्रत्येक क्षेत्र में मोदी की रैलियां मोमेंटम क्रिएटर का काम करें। इसका असर भाजपा के साथ ही राजग घटक दलों की जीत के स्ट्राइक रेट में देखा जा सकता है।

जदयू का बेहतरीन प्रदर्शन

स्ट्राइक रेट में पिछड़ने वाली जदयू ने भी इस बार 80 प्रतिशत से अधिक स्ट्राइक रेट दिखाया।शाह के माइक्रो मैनेजमेंट ने बूथ स्तर पर राजग और महागठबंधन के बीच खाई को और चौड़ा कर दिया। गुजरात से लेकर मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले नए माइक्रो मैनेजमेंट के तहत शाह ने बिहार को पांच भागों में बांटकर पांच संगठन सचिवों को इनकी जिम्मेदारी सौंपी।

इन सभी संभागों के प्रमुख पदाधिकारियों और बूथ कार्यकर्ताओं के साथ खुद संवाद किया और उन्हें जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ पांच बैठकें अलग से कीं। प्रचार की कमान संभालते हुए शाह ने पूरे बिहार में 35 जनसभाओं को संबोधित किया और एक रोड शो भी किया।

केंद्रीय नेतृत्व, बिहार संगठन एवं जिलों तक फैली टीम बूथ मैनेजमेंट में एकजुट दिखी। राजग के घटक दलों के बीच यह एकजुटता विधानसभा स्तर से लेकर मंडल एवं बूथ स्तर तक देखने को मिली। शाह ने इस बार सोशल इंजीनिय¨रग का भी चतुराई से उपयोग किया। दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा समीकरण को संभालते हुए पार्टी ने जातीय आधार पर वोट जोड़ने के बजाय लाभार्थी वर्ग को एक बड़े पालिटिकल ब्लाक में बदल दिया।

125 यूनिट मुफ्त बिजली, वृद्धजन पेंशन योजना, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10 हजार रुपये की सहायता और महिला सुरक्षा को मुखर तरीके से प्रचार का हिस्सा बनाया गया। इससे महिला और युवा मतदाताओं को बड़ी संख्या में राजग के पक्ष में गोलबंद करने में सफलता मिली।

यह विकास में विश्वास रखने वाले हर बिहारी की जीत : शाह

बिहार चुनाव परिणामों को हर बिहारी की जीत करार देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राजग को मिला भारी जनादेश विकास, महिला सुरक्षा और गरीबों के कल्याण के लिए उसके कार्यों पर जनता की मुहर है। उन्होंने बिहार के लोगों, विशेषकर माताओं और बहनों को आश्वासन दिया कि मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार इस जनादेश को पूरा करेगी।

एक्स पर पोस्ट में शाह ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लिए पूरे मन से काम किया है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य को जंगल राज के अंधेरे से बाहर निकाला है। ज्ञान, परिश्रम और लोकतंत्र की रक्षकबिहार भूमि के लोगों को हार्दिक नमन।

उन्होंने कहा कि वोट बैंक की खातिर घुसपैठियों के बचाव में आने वाली राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस आज बिहार में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है। जंगल राज और तुष्टीकरण की राजनीति करने वालों को अब लूट का मौका नहीं मिलेगा।

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