नई दिल्ली, एजेंसियां। बिहार की सत्ता तय करने के लिए आज पहला चरण का मतदान किया जा रहा है। जैसे ही चुनाव प्रचार थमा वैसे ही नेताओं की लोकप्रियता को लेकर कयास लगाने शुरु हो गए हैं। हालांकि, इस साल का प्रचार कुछ अलग ढंग से किया गया है। कोरोना वायरस के चलते प्रचार के पैमाने बदल गए हैं। एक और जहां सोशल डिस्टेंसिंग है ऐसे में सोशल मीडिया पर नेताओं के प्रभाव और लोकप्रियता मापने का एक बड़ा फैक्टर माना जा सकता है।

एनडीए की तरफ से नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री के उम्मीदवार है। वहीं, दूसरी तरफ महागठबंधन की तरफ से राजद के तेजस्वी उम्मीदवारी के लिए ताल ठोक रहे हैं। 

क्या कहते हैं फेसबुक के आंकड़े

एनडीए की तरफ से नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री के उम्मीदवार है। वहीं, दूसरी तरफ महागठबंधन की तरफ से राजद के तेजस्वी उम्मीदवारी के लिए ताल ठोक रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि तेजस्वी के मुकाबले नीतीश को सोशल मीडिया पर ज्यादा लोकप्रियता हासिल है क्योंकि, नीतीश कुमार पिछले 15 साल से सत्ता में है। दूसरी तरफ तेजस्वी यादव ने कहा कि 18 महीने तक डिप्टी सीएम की कुर्सी संभाली है। इसी के साथ ऐसा माना जा रहा है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता के मामले में नीतीश तेजस्वी के मुकाबले ज्यादा आगे है। हालांकि, आंकड़े से कुछ और ही कहानी बनती दिखाई दे रही है। 

बिहार चुनाव का जैसे ही एलान हुआ उसी के बाद से एक मीडिया ग्रुप की डेटी इंटेलिजेंस यूनिट ने तेजस्वी और नीतीश कुमार के आंकड़ों का आकलन किया। इसमें उन्होंने पाया कि दोनों ही नेताओं के फेसबुक पेज पर 15 लाख लाइक हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर शोहरत के मामले में दोनों नेताओं  में काफी अंतर हैं।

इस डेटा को कलेक्ट करने के लिए पुण्यतिथि, जन्मदिन, श्रद्धांजलि, इन जैसे पोस्ट को शामिल नहीं किया गया है। अब अगर हम हर पोस्ट पर मिलने वाले लाइक्स देखें तो तेजस्वी के आगे नीतीश कुमार के आंकड़े फीके नजर आते हैं। 

एक-एक लाइक का किया गया आंकलन

गौरतलब है कि फेसबुक आंकड़ों की खास बात ये है कि इसमें ऑडियंस के मूड के बारे में भी पता चलता है। दरअसल, जब लाइक बटन के ऊपर ज्यादा देर तक प्रेस किया जाए तब। इन नेताओं को मिले एक-एक लाइक का हिसाब किया। इससे सामने आया कि तेजस्वी को बढ़त हासिल है।

नीतीश की फेसबुक पोस्ट्स पर लोग उतना प्यार वाला लाइक नहीं कर रहे जितना की वह उनके पोस्च पर हंसी वाले आइकन से रिएक्ट किया है। गौरतलब है कि  3.7 लाख लाइक्स में से 34 हजार रिएक्सन तो उपसा वाले हैं। वहीं, दूसरी तरफ तेजस्वी यादव की पोस्च पर महज  14,000 ही हाहा रियेक्ट किया है। जोकि उनके कुल लाइक्स के 0.3 प्रतिशत भी नहीं है।

तेजस्वी की जितनी भी फॉलोइंग है उतनी ही फॉलोइंग तेजस्वी की भी है। इसके बाद भी नीतीश को तेजस्वी से 9 गुना कम लाइक हासिल हुए हैं। 15 साल मुख्यमंत्री रहने के बाद भी उनकी फेसबुक पर लोकप्रियता दर्ज नहीं हो पाई। इसका सीधा सा जवाब है आलस। नीतीश और तेजस्वी की टाइमलाइन को बेहद करीब से देखने के बाद पता चला की नीतीश कुमार अपने फेसबुक पेज को तेजस्वी जितना इस्तेमाल और गंभीरता से नहीं लिया।

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