जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जेएनयू हिंसा पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले मंगलवार को नाराज दिखे। उन्होंने पढ़ाई छोड़ कर हिंसा और आंदोलन करने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि विवि परिसर में रोज-रोज होने वाले प्रदर्शन और आंदोलन से निपटने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को एक आचार संहिता बनाना चाहिए। उन्होंने इस बीच एक वीडियो में हिंसा के दौरान नकाब ओढ़े दिख रही विवि छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष की भूमिका की भी जांच करने की बात कही।

बढ़ी फीस कम हो, लेकिन जेएनयू में हुई हिंसा पूरी तरह से गलत

केंद्रीय मंत्री और आरपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष आठवले ने पत्रकारों से चर्चा में जेएनयू में की गई फीस बढ़ोत्तरी को लेकर भी अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि ज्यादा फीस बढ़ाना ठीक नहीं है। इसे कम किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय में काफी गरीब बच्चे भी पढ़ते है। इसके साथ ही उन्होंने रविवार रात को जेएनयू में हुई हिंसा को पूरी तरह से गलत बताया।

जेएनयू में गुंडागर्दी ठीक नहीं

आठवले ने कहा कि इस तरह की गुंडागर्दी ठीक नहीं है। छात्र यहां भविष्य संवारने के लिए आते है। इसकी जांच होनी चाहिए और इनमें शामिल छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसे लेफ्ट या राइट की लड़ाई का अड्डा नहीं बनने देना चाहिए। वैसे विवि में हिंसा के पीछे जो वजह सामने आयी है, उसमें छात्रों के एक वर्ग रजिस्ट्रेशन करना चाहता था, लेकिन एक गुट उन्हें ऐसा करने से रोक रहा था।

अठावले ने ठाकरे के बयान को गलत बताया

जेएनयू हिंसा को 26/11 के हमले से जोड़ने के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बयान को अठावले ने पूरी तरह से गलत बताया और कहा कि यह ठीक नहीं है। छात्रों के साथ उनकी हमदर्दी तो ठीक है, लेकिन इसे 26/11 से जोड़ना ठीक नहीं है। इनमें पाकिस्तान ने भारत पर आतंकी हमला किया था।

विपक्ष की जेएनयू हिंसा की घटना को लेकर मोदी को बदनाम करना की नियत है

जेएनयू हिंसा की घटना को राजनीतिक नजरिए से देखे जाने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष इसके जरिए मोदी को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस पूरे मामले को लेकर छात्रों को उकसा रही है।

Posted By: Bhupendra Singh

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