हैदराबाद, एएनआइ/आइएएनएस। एआइएमआइएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि नाथूराम गोडसे के अनुयायी उनकी हत्या कर सकते हैं। इसका कारण यह है कि वह अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने का विरोध कर रहे हैं। एआइएमआइएम प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान से उनका कोई लेनादेना नहीं है।हैदराबाद में ओवैसी ने संवाददाताओं से कहा, 'उन्हें कश्मीरियों से प्रेम है, कश्मीरियों से नहीं। वे केवल सत्ता की चिंता कर रहे हैं और न्याय एवं सेवा के बारे में नहीं।

क्या अनुच्छेद 19 वहां लागू नहीं होता है? क्या यह आपातकाल है? जो भाजपा का समर्थन कर रहे हैं उन्हें इंटरनेट कनेक्शन दिया गया है और आवाजाही के लिए हेलीकॉप्टर मुहैया कराया जा रहा है। क्या आप 80 लाख लोगों को टेलीफोन पर संपर्क की अनुमति नहीं दे सकते?'

कश्मीर का जनसंख्या अनुपात बदलना चाहते हैं मोदी
ओवैसी ने कहा कि विधानसभा परिसीमन के जरिये मोदी सरकार कश्मीर के जनसंख्या अनुपात में हेराफेरी करने के प्रयास में जुटी है। जम्मू में विधानसभा क्षेत्रों में बदलाव कर मोदी सरकार भाजपा नेता को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल जैसे राजनीतिक विवेक का अभाव होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनसंघ का एजेंडा लागू करने का प्रयास कर रही है।

भारत समर्थक कश्मीरी भी हो जाएंगे अलगाववादी
एआइएमआइएम प्रमुख ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश में विभाजित कर सरकार ने भारत समर्थक कश्मीरियों को अलगाववादियों की गोद में बिठा दिया है। ओवैसी ने इस कदम को ऐतिहासिक भूल करार देते हुए कहा, 'पहली गलती 1953 में शेख अब्दुल्ला की गिरफ्तारी थी और दूसरी 1987 के चुनाव में हेराफेरी। कश्मीरी बुद्धिमान होते हैं और तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देते। 87 का जवाब उन्होंने दो साल बाद दिया था।'

Posted By: Ayushi Tyagi

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