कोझिकोड, एएनआइ/ प्रेट्र। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लागू करने से इन्कार करने वाले राज्यों को कांग्रेस नेता और पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने आईना दिखाया है। सिब्बल ने कहा है कि संसद से पारित सीएए को कोई राज्य लागू करने से मना नहीं कर सकता है। ऐसा करना न सिर्फ असंवैधानिक होगा, बल्कि आगे मुश्किलें भी खड़ी हो सकती हैं।

कपिल सिब्बल का यह बयान कांग्रेस शासित पंजाब के सीएए के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने के एक दिन बाद आया है। केरल पहले ही इस कानून को लागू नहीं करने के संबंध में विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर चुका है। उसने सुप्रीम कोर्ट में भी इसे चुनौती दी है।

कांग्रेस कर रही सीएए का विरोध

सिब्बल का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि खुद उनकी पार्टी सीएए का विरोध कर रही है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इसे वापस लेने की मांग की है। जबकि, बंगाल, महाराष्ट्र समेत कांग्रेस शासित राज्यों-मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ ने भी कहा है कि वो अपने यहां सीएए के साथ ही राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लागू नहीं करेंगे।

केरल लिटरेचर फेस्टिवल में सिब्बल ने दिया बयान

केरल लिटरेचर फेस्टिवल (केएलएफ) में तीसरे दिन शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री सिब्बल ने कहा, 'यदि सीएए पास हो गया है तो कोई राज्य यह नहीं कह सकता है कि 'मैं इसे लागू नहीं करूंगा।' यह संभव नहीं है और यह असंवैधानिक भी है। आप इसका विरोध कर सकते हैं, आप विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सकते हैं और केंद्र सरकार से इसे वापस लेने को कह सकते हैं।' सिब्बल ने आगे कहा, 'लेकिन संवैधानिक रूप से यह कहना कि मैं इसे लागू नहीं करूंगा, अधिक समस्याएं पैदा कर सकता है।' सिब्बल ने कहा कि एनआरसी एनपीआर पर आधारित है। एनपीआर स्थानीय रजिस्ट्रार द्वारा लागू किया जाएगा, जिसे राज्य सरकारें नियुक्त करती हैं।

मोदी सरकार पर भी साधा निशाना

ऐसे में राज्य सरकारें ज्यादा से ज्यादा यह तो कह सकती हैं कि वो केंद्र सरकार की मदद के लिए अपने अधिकारी को नहीं लगाएंगी। लेकिन व्यवहारिक रूप में ऐसा संभव है या नहीं उसको लेकर वह कुछ निश्चित नहीं कह सकते। सीएए को लेकर चल रहे विरोध पर कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में लोग विकास चाहते हैं, लेकिन मोदी सरकार क्या कर रही है? वह देश का विकास करने की बजाय अपना विकास कर रही है। बता दें कि सीएए के खिलाफ देश में कई जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कानून को संविधान की भावना के खिलाफ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की जा रही है।

 

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Posted By: Mangal Yadav

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